
प्लेइंग इलेवन चुनने में कप्तान को मिले वोटिंग का अधिकार
क्रिकेट कनेक्टेड में चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गौतम गंभारी ने कहा कि समय के साथ टीम सेलेक्शन की प्रक्रिया में भी बदलाव लाना चाहिये। उनका मानना है कि प्लेइंग इलेवन चुनने के लिये कप्तान विराट कोहली को अपना मत रखने की आजादी होनी चाहिये।
उन्होंने कहा,' अब समय आ गया है कि कप्तान को भी सेलेक्शन में वोट का अधिकार हो। टीम को चुनने में कप्तान भी चयनकर्ता की भूमिका निभाये साथ ही टीम की प्लेइंग इलेवन चुनने में चयनकर्ता का कोई रोल नहीं होना चाहिये।'
हालांकि गंभीर की इस बात पर एमएसके प्रसाद ने जवाब देते हुए कि कप्तान हमेशा से ही चयन प्रक्रिया में अहम रोल निभाते रहे हैं। हालांकि नियमों के अनुसार वह वोट नहीं कर सकते।

विश्व कप टीम के सेलेक्शन पर भी उठाये कदम
इतना ही नहीं गौतम गंभीर ने 2019 में हुए वनडे विश्व कप के लिये टीम सेलेक्शन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गलत चयन के चलते भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने टीम में अंबति रायडु की जगह विजय शंकर को शामिल करने के फैसले पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, 'आप ने दो साल तक रायडू को चौथे पर मौका दिया फिर वर्ल्ड कप से पहले टीम से बाहर कर दिया। अचानक से आपको थ्री डी खिलाड़ी चाहिए था। क्या आप देखना चाहेंगे कि मुख्य चयनकर्ता के थ्री डी क्रिकेटर की जरूरत ने कितना फायदा पहुंचाया, यह बात उन्होंने खुद कही थी कि हमें 3डी क्रिकेटर की जरूरत है।'

एमएसके प्रसाद ने भी दी सफाई
वहीं इस मुद्दे पर पूर्व चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा कि टीम में शिखर धवन, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी थे जो बल्लेबाजी कर सकते थे लेकिन कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं था जो गेंदबाजी कर सके। इससे टीम को इंग्लैंड में फायदा मिलता।
गौरतलब है कि अंबति रायडु को दरकिनार कर विजय शंकर को टीम में शामिल करने पर एमएसके प्रसाद ने कहा था कि टीम को 3 डायमेंशनल प्लेयर की जरूरत है जो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में अहम योगदान दे सके।
आपको बता दें कि गौतम गंभीर ने पहले भी चयनकर्ताओं के मुद्दे पर एमएसके प्रसाद के खिलाफ बयान दिया था और कहा था कि खिलाड़ियों को अच्छे से समझने के लिए सेलेक्टर्स का अनुभवी होना जरूरी है।


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