
एथिक्स ऑफिसर ने जारी किया पत्र
आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन शशांक मनोहर के हवाले से जनरल काउंसिल के ऑफिस और कंपनी सेकेट्री ने ईसीबी और सीडब्ल्यूआई के बीच हुए इस लेन-देन मामले को 30 अप्रैल को एथिक्स अधिकारी के सामने पेश किया था। इसकी जांच करने के बाद एथिक्स अधिकारी ने सोमवार को एक लेटर जारी किया जिसमें शशांक मनोहर की ओर से जताई गई चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि उनकी जांच में उन्हें ऐसा कुछ भी नहीं लगा है।
एथिक्स ऑफिसर की ओर से जारी पत्र में लिखा है,' मेरे सामने मौजूद सभी तथ्यों को देखने के बाद और सभी पैराग्राफ अच्छे से जांचने के बाद मैं इस बात को लेकर निश्चित हूं किसी भी पार्टी द्वारा किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है। मेरी जांच में, मैं ईसीबी और सीडब्ल्यूआई के बीच हुए लोन, जो आईसीसी चेयरपर्सन के चुनावों के समय हुआ था, मैंने इसकी जांच की है और मुझे अपनी जांच करने में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।'

एथिक्स ऑफिसर ने खारिज किये मनोहर के दावे
एथिक्स ऑफिसर ने लेटर में इस बात को आगे प्रमाणित करते हुए लिखा कि मैं इस बात को लेकर आस्वस्त हूं कि दोनों पार्टियां जो लोन में शामिल हैं और साथ ही इसमें शामिल हस्ताक्षरकर्ता शक के घेरे से बाहर हैं।
उन्होंने कहा,' प्राप्त कागजों के आधार पर मैैं प्रमाणित करता हूं कि दोनों पार्टियां कम समय के लिए व्यवसायिक समाधान चाहते थे, जिसकी जानकारी मानने योग्य है, उन्होंने सभी काम नियमों के हिसाब से किए हैं। मैं इस बात को मानने से इंकार करता हूं कि लोन आने वाले आईसीसी चेयरपर्सन के चुनावों को प्रभावित करने के लिये था।'

ग्रेव्स के खिलाफ साजिश की आ रही बू
इसके बाद मनोहर के साथ काम कर चुके बीसीसीआई के पूर्व अधिकारी ने कहा कि एथिक्स ऑफिसर की तरफ से क्लीन चिट मिल जाने के बाद अगले आईसीसी चेयरमैन के रूप में कोलिन ग्रेव्स का रास्ता साफ नजर आता है। वह 31 अगस्त को ईसीबी के चैयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे और अगले आईसीसी चेयरमैन के लिए वही पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
उन्होंने कहा, ' मुझे लगता है कि यह सब शशांक मनोहर की तरफ से अपने प्रतिद्वंद्वी को चुपचाप हटाने का प्रयास था। बीसीसीआई में जब बोर्ड को एक लीडर की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब उन्होंने आईसीसी का रुख कर लिया। मेरा मानना है कि कोलिन के खिलाफ शिकायत का मतलब है कि कोलिन उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी थे।'


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