मुंबई। जिस तरह से भारत के सबसे सफल कप्तान धोनी ने संन्यास का ऐलान किया है उसने लोगों के मन में बहुत सारे सवाल छोड़ दिये हैं। टीवी पर चल रही बहस में भी बार-बार यही कहा जा रहा है कि शायद धोनी और बीसीसीआई मैनजमेंट के बीच काफी दिनों से कुछ सही नहीं चल रहा था। पिछले करीब एक साल से टीम इंडिया का टेस्ट परफार्मेस भी कुछ खासा अच्छा नहीं रहा है इसलिए धोनी पर दवाब बढ़ता ही जा रहा था।
दूसरी तरफ टीम इंडिया के नये डायरेक्टर रवि शास्त्री का आकर्षण धोनी के प्रति कम और विराट कोहली के प्रति ज्यादा ही दिख रहा था जिसके कारण धोनी की कप्तानी पर भी सवालिया निशान लग रहे थे। इसलिए ही शायद धोनी ने खुद को तौलते हुए वो निर्णय लिया जिसकी किसी को आशा नहीं थी।
इससे पहले कि बीसीसीआई धोनी से टेस्ट की कप्तानी को छिनता, धोनी ने टेस्ट ही छोड़ दिया। गौरतलब है कि 33 वर्षीय धोनी ने 60 मैचों में टीम इंडिया का नेतृत्व किया और बतौर भारतीय कप्तान सबसे ज्यादा 27 मैचों में जीत दिलाई।
धोनी ने 60 मैचों में टीम इंडिया का नेतृत्व किया
कैप्टन कूल ने 90 टेस्ट मैचों में 38.09 की औसत से कुल 4876 रन बनाए जिसमें छह शतक और 33 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान बतौर विकेटकीपर भी धोनी ने 256 कैच पकड़े और 38 स्टंप आउट किए। धोनी बतौर कप्तान अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रनों का आंकड़ा छूने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज रहे।