मेलबर्न। जहां भारत-आस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज का तीसरा टेस्ट भारत बामुश्किल आज ड्रा करा पाया, वहीं दूसरी और भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेन्द्र सिंह धोनी ने टेस्ट मैचों से संन्यास लेने का ऐलान करके सबको चौंका दिया। अभी क्रिकेट फैंस टेस्ट मैच के हैंगओवर से बाहर ही नहीं निकल पाये थे कि अचानक से धोनी के संन्यास की खबर ने सबको हिला दिया।
अब सबके दिमाग में केवल एक ही बात आ रही है कि आखिर धोनी को संन्यास लेने की इतनी जल्दी क्या थी? आखिर वो अपने संन्यास का ऐलान भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज के सभी मैचों के खत्म होने के बाद भी तो कर सकते थे लेकिन फिर ऐसा क्या हो गया कि वो सिडनी टेस्ट से पहले ही संन्यास लेने का ऐलान कर दिया।
आखिर धोनी ने टेस्ट सीरीज के बीच में क्यों लिया संन्यास?
इन सारे सवालों ने यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि शायद धोनी और बीसीसीआई और टीम मेट्स के बीच में कुछ भी सही नहीं चल रहा है। ब्रिसबेन टेस्ट मैच हारने के बाद धोनी ने जिस तरह से टीम मेटस् की संवादहीनता मसला उठाया था उससे एहसास हुआ था कि टीममेट्स और उनके बीच में कुछ गड़बड़ है तो उसके बाद उनकी टेस्ट कप्तानी को लेकर बीसीसीआई में भी कुछ मसला चल रहा है क्योंकि शायद बोर्ड कोहली को कैप्टन के रूप में अब देखना चाहता है और धोनी को शायद विराट की कप्तानी में खेल पाना गंवारा ना हो।
Dhoni's best time was gone, his expiry time was up. He was not left with energy to take this team forward @BoriaMajumdar #DhoniQuitsTests
— India Today (@IndiaToday) December 30, 2014 खैर जो भी हो धोनी ने बहुत सारे सवालों के बीच में आज अपने टेस्ट फार्मेट से संन्यास का ऐलान किया है। आपको बता दें कि भारत के कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी।
विराट की कप्तानी में नहीं खेलना चाहते थे धोनी?
ऐसे में विराट कोहली को सिडनी में छह जनवरी से आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाले चौथे टेस्ट के लिए भारतीय टीम की कमान सौंपी गई है। धोनी अब टी-20 और एकदिवसीय प्रारूप पर ध्यान देंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनके इस फैसले का स्वागत करते हुए उनको भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।