नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच हेडिंग्ले के मैदान पर खेला गया जिसमें इंग्लैंड की टीम ने बाजी मारते हुए विराट सेना को चारों खाने चित्त कर दिया और मैच के चौथे दिन के पहले सत्र के खेल के बाद 56 रन और पारी की विशाल जीत हासिल की। इंग्लैंड की टीम के लिये इस जीत के हीरो रहे उसके तेज गेंदबाज ऑली रॉबिन्सन, जिन्होंने दूसरी पारी में भारतीय टीम की वापसी के बाद नई गेंद का अच्छे से इस्तेमाल किया और भारत के खिलाफ दूसरी बार 5 विकेट हॉल लेकर टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड की टीम ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ने मैच के तीसरे दिन बल्लेबाजी में शानदार वापसी करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 215 रन बना लिये थे, हालांकि चौथे दिन जब खेल शुरु हुआ तो रॉबिन्सन ने चेतेश्वर पुजारा (91) और विराट कोहली (55) का विकेट लेकर भारतीय टीम की सबसे अहम साझेदारी को समेट दिया।
हालांकि उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (10) और ऋषभ पंत पर फैन्स को भरोसा था कि वो पारी को संभालकर कुछ और फाइट दिखा सकते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। एंडरसन ने रहाणे को बाहर जाती गेंद पर फंसाया तो ऋषभ पंत खराब शॉट खेलकर ओवर्टन को कैच थमाकर आउट हो गये।
गौरतलब है कि अजिंक्य रहाणे पिछले कुछ समय से बल्लेबाजी में संघर्ष करते नजर आ रहे हैं, तो वहीं पर विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का बैटिंग एटिट्यूड गेंदबाज पर चढ़कर खेलने का होता है, जिसके चलते कई बार उनके शॉट लापरवाह नजर आते हैं। इसी के चलते इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अभी तक खेली गई 5 पारियों में उन्होंने सिर्फ 87 रन (25, 37, 22,2 और 1) ही बना सके हैं।
मैच के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली से इंग्लैंड के पूर्व माइक एथर्टन ने भी प्रेजेंटेशन के दौरान पंत की बल्लेबाजी को लेकर चिंता जताई और कोहली से सवाल किया कि क्या उनका शॉट सेलेक्शन और बैटिंग एटिट्यूड चिंता का विषय बन रही है।
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इस सवाल के जवाब में कप्तान विराट कोहली ने कहा,'आप यह कह सकते हैं कि हमारे पास बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई नहीं है, लेकिन आप हर बार यह आशा नहीं कर सकते कि टॉप ऑर्डर प्रदर्शन न करे और आपके निचले क्रम के बल्लेबाज रन बनाकर आपको बचायें। हर मैच में निचला क्रम आपको बचा नहीं सकता है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा टॉप ऑर्डर एक प्लेटफॉर्म बना कर मध्यक्रम को दे जहां पर वो बिना किसी दबाव के खेल सकें और रन बनाये। हां आप यह जरूर कह सकते हैं कि इस तरह की परिस्थितियां आपको यह सोचने पर जरूर मजबूर करती हैं कि एक खिलाड़ी के तौर पर आपने खुद कितनी जिम्मेदारी ली और टीम के बारे में सोचते हुए क्या किया।'
गौरतलब है कि ऋषभ पंत ने इंग्लैंड दौरे से पहले खेल के हर प्रारूप में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जबरदस्त वापसी की है और इस दौरान अपनी उस छवि को भी बदला है जिसमें उन पर परिस्थिति की गंभीरता न समझकर खराब शॉट खेलने का आरोप लगता रहा, हालांकि इंग्लैंड दौरे पर जिस तरह से वह अपना विकेट खो रहे हैं उसे देखकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर से उनके बैटिंग एटिट्यूड पर सवाल उठने लगे हैं।