INDvs AUS: तीसरे टेस्ट के लिए ओपनिंग में कुछ हटकर प्रयोग कर सकता है भारत

India Vs Australia 3rd Test: Issues Virat Kohli need to address ahead of 3rd Test |वनइंडिया हिंदी

नई दिल्ली। भारत की ओपनिंग जोड़ी की समस्या विदेशी दौरे पर एक बार फिर से उभरकर नासूर बन चुकी है। पहले दोनों टेस्ट में बुरी तरह से असफल रहे ओपनर्स के कारण टीम इंडिया को ना मजबूत नींव मिल सकी और ना ही फिर उस पर रनों की बड़ी इमारत खड़ी कर सकी। रही-सही कसर पृथ्वी शॉ की चोट ने पूरी कर दी। इसी के साथ भारत के पास विकल्पों के कम होने जैसी दूसरी समस्या भी आ खड़ी हुई।

100 रन भी मिलाकर नहीं बना पाई ओपनिंग जोड़ी

100 रन भी मिलाकर नहीं बना पाई ओपनिंग जोड़ी

जहां तक बात मुरली विजय और केएल राहुल की जोड़ी की है तो दोनों में जैसे रन ना बनाने की होड़ लगी है। दोनों ओपनरों ने पिछले दो मैचों में मिलकर अब तक कुल 97 रन ही बनाए हैं। इसके चलते भारत के मध्यक्रम को नई गेंद के सामने जल्दी आना पड़ रहा है। हालांकि अभी तक चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे जैसे भरोसेमंद बल्लेबाजों से सजे भारतीय मध्यक्रम ने अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं, लेकिन निचला क्रम फिर स्कोर करने में बुरी तरह असफल रहता है। इस तरह टीम तीन बल्लेबाजों के रन बनाने के बावजूद भी सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में भी सफल नहीं हो पा रही है।

चेतेश्वर पुजारा से ओपनिंग!

चेतेश्वर पुजारा से ओपनिंग!

भारत ने मयंक अग्रवाल को बुलाया है और साथ ही चोट से उभर चुके ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को भी टीम में शामिल किया है। लेकिन यह बहुत संभव है कि मयंक को तुरंत अनजान पिच पर स्टार्क एंड कंपनी के सामने ना उतारा जाए। ऐसे में भारत चेतेश्वर पुजारा और पार्थिव पटेल में से किसी एक को ओपनर के तौर पर उतारने के लिए विचार कर रहा है। टीम प्रबंधन यदि ऐसा फैसला करता है तो विजय या राहुल में से किसी एक को बाहर बैठाना पड़ सकता है। इससे निचले टीम में एक बल्लेबाज का स्थान भी खाली हो जाएगा जिसको भरने के लिए ऑलराउंड हार्दिक पांड्या को टीम में शामिल किया जा सकता है।

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पार्थिव पाटिल दे सकते हैं संतुलन

पार्थिव पाटिल दे सकते हैं संतुलन

वहीं, अगर पार्थिव पटेल से ओपनिंग के साथ साथ विकेटकीपिंग भी करवाई जाती है तो टीम में ऋषभ पंत को बाहर करके भी पांड्या को खिलाया जा सकता है। इस तरह से टीम को ओपनिंग में अपने बचे हुए विकल्पों को आजमाने के अलावा एक ज्यादा संतुलित टीम भी मिल जाएगी। इससे भारत के सामने ऐसी स्थिति नहीं आएगी जैसी पर्थ में आई थी। भारत वहां चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरा, जबकि स्पिनर एक भी नहीं था। पांडया जहां चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं तो वहीं एक बल्लेबाज का भी रोल अदा कर सकते हैं।

Story first published: Friday, December 21, 2018, 12:56 [IST]
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