
रोहित को अपने शॉट पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत
उल्लेखनीय है कि सीरीज में तीसरी बार है जब रोहित शर्मा अपने पसंदीदा शॉट को खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे हैं, जिसके बाद उनके शॉट सेलेक्शन को लेकर काफी आलोचना हो रही है। रोहित शर्मा इस दौरान 105 गेंदें खेल चुके थे और 19 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की आस लग रहे थे, हालांकि वो जिस तरह से शॉट खेलकर आउट हुए उसने फैन्स की उम्मीदों को काफी झटका दिया।
अब रोहित शर्मा के शॉट सेलेक्शन को लेकर भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने भी अपनी राय रखी है और कहा कि टीम रोहित को उनका नैचुरल गेम खेलने से कभी भी नहीं रोकेगी, हालांकि भारतीय टीम के ओपनिंग बल्लेबाज को अपना शॉट खेलने से पहले और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

अगर रोहित चाहें तो हम बात करने को तैयार
गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में रोहित शर्मा तीसरी बार इस तरह का शॉट लगाते हुए आउट हुए हैं। पहले मैच में ऑली रॉबिन्सन ने रोहित शर्मा को पुल शॉट पर आउट किया था तो वहीं पर मार्क वुड ने लॉर्ड्स में बाकायदा प्लान सेट अप कर इसी गेंद पर उनका विकेट हासिल किया और नॉटिंघम में ओवरटर्न ने रोहित शर्मा को एक बार फिर से उनके पसंदीदा शॉट पर वापस पवेलियन भेजा।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार राठौर ने कहा,' हमें यह काफी सुनने को मिल रहा है कि वो यह शॉट खेलते हुए न जाने क्या सोच रहे थे। जहां तक रोहित की बात है तो उन्होंने यह पहले ही साफ कर दिया है कि वह पुल शॉट के जरिये काफी रन बटोरते हैं तो ऐसे में हम उन्हें यह शॉट खेलने से नहीं रोकेंगे बल्कि उनका समर्थन करेंगे। हालांकि मुझे लगता है कि उन्हें अपने शॉट को लेकर थोड़ा और सेलेक्टिव होने की जरूरत है। अगर वो यह बात करने को तैयार हैं तो हम उनसे इसको लेकर बात कर सकते हैं।'

कोहली के लिये नहीं लौट रहे 2014 के भूत
राठौर ने इस दौरान कोहली की फॉर्म को लेकर भी बात की और कहा कि उनको लेकर चिंता करने की बात नहीं है क्योंकि मुझे नहीं लगता कि उनकी तकनीक में कोई दिक्कत है, हालांकि ध्यान लगाने को लेकर काम किया जा सकता है। मुझे नहीं लगता कि पुराने दौरे को कोई भी बुरा सपना वापस आ रहा है। हर किसी का खराब दौर आता है लेकिन हमारी टीम उसको लेकर परेशान नहीं है।
उन्होंने कहा,' हमारा काम है कि हम प्रक्रिया पर ध्यान दें, मैं बिल्कुल चिंतित होता अगर यह खिलाड़ी कड़ी मेहनत और प्लानिंग नहीं कर रहे होते, हालांकि वो काफी मेहनत करते हैं और उनके पास अपना गेम प्लान भी होता है। जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं कि क्रिकेट में हमेशा ऐसे दौर आते हैं, खासतौर से उन खिलाड़ियों के लिये जो लंबे समय से खेल रहे हैं। इन प्लेयर्स के लिये ऐसा समय जरूर आयेगा जिसमें वो रन नहीं बनायेंगे लेकिन वो अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रहे हैं और यही बात मायने रखती है।'


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