
सही ओपनिंग जोड़ी की दरकार
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गये अब तक के सभी मुकाबलों में भारतीय टीम के लिये सलामी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत दे पाने में नाकाम रहे हैं। दूसरे मुकाबले में ईशान किशन ने सलामी बल्लेबाजी करते हुए 56 रनों की पारी जरूर खेली लेकिन तीसरे मैच में उन्हें तीसरे नंबर पर बुलाया गया और वो सिर्फ 4 रन बनाकर ही वापस पवेलियन लौट गये। वहीं सलामी बल्लेबाज केएल राहुल इस सीरीज में 3 पारियों में सिर्फ एक रन ही बना सके हैं।
शिखर धवन ने पहले मैच में दहाई का आंकड़ा जरूर पार किया था लेकिन उसके बाद उन्हें बेंच पर बिठा दिया गया था। ऐसे में अगर विराट कोहली को सीरीज में जीत हासिल करनी है तो उन्हें सही ओपनिंग जोड़ी को लेकर उतरना होगा और चौथे मैच में केएल राहुल को बिठाकर सूर्यकुमार को मौका देना चाहिये। ऐसे में जहां रोहित और ईशान सलामी बल्लेबाजी में टिकी हुई शुरुआत दे सकते हैं तो वहीं पर सूर्यकुमार मध्यक्रम में विस्फोटक और टिकी हुई पारी खेलकर मजबूती दे सकते हैं।

शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ बेहतर रणनीति
भारतीय बल्लेबाजों को सीरीज के बाकी बचे 2 मैचों में शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ बेहतर रणनीति के साथ उतरने की दरकार है। भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज सीरीज के पहले 3 मैचों में शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ बेबस नजर आये हैं, मार्क वुड और जोफ्रा आर्चर दोनों ही गेंदबाजों ने भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर को शॉर्ट पिच गेंदों पर आउट किया है। अहमदाबाद की तेज पिच और असमान उछाल बल्लेबाजों को परेशान कर रही है। भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए एक बार फिर से शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ बेहतर प्लानिंग के साथ उतरना होगा।

फील्डिंग में सुधार की दरकार
भारतीय टीम ने टी20 सीरीज के पहले 3 मुकाबलों में गेंदबाजी के अलावा फील्डिंग में भी खराब प्रदर्शन किया है और खुद कप्तान विराट कोहली भी कैच ड्रॉप करते नजर आये हैं। इस दौरान खिलाड़ियों ने कई ओवरथ्रो और मिसफिल्डिंग भी की है, जबकि इंग्लैंड की टीम ने मुस्तैद फील्डिंग की है जो कि मैच के अंदर 15-20 रनों का अंतर पैदा करता है और भारतीय टीम के लिये फील्डिंग लंबे समय से एक बड़ी समस्या साबित हो रही है। ऐसे में अगर उसे सीरीज जीतनी है तो फील्डिंग के स्तर में सुधार लाने की दरकार है।

प्लेइंग 11 में एक और गेंदबाज की दरकार
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गये सीरीज के पहले 3 मैचों में ही काफी बदलाव कर दिये हैं जिसकी वजह से टीम काफी असंतुलित नजर आ रही है। भारतीय टीम ने पहले 3 मैचों में सिर्फ 4 ही गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है और पांचवे गेंदबाज के रूप में उसने हार्दिक पांड्या का इस्तेमाल किया है। वहीं पर युजवेंद्र चहल भी भारतीय टीम के लिये कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में भारत को एक और अहम गेंदबाज के साथ मैदान पर उतरने की दरकार है, ताकि टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी आये तो वह गेंदबाजों के दम पर स्कोर बचा पाने में कामयाब हो सके।


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