IND vs SA: आखिर क्यों साउथ अफ्रीका में पहली बार टेस्ट सीरीज जीत सकता है भारत, जानें 3 कारण
नई दिल्ली। आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत हाल ही में खेली गई 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने न्यूजीलैंड को 1-0 से हराया जिसके बाद उसे साउथ अफ्रीकी टीम के खिलाफ 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिये जाना है। साउथ अफ्रीका दौरे के लिये बीसीसीआई ने बुधवार को 18 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है जो कि रविवार को बायोबबल में प्रवेश कर जायेगी। भारतीय टीम साउथ अफ्रीकी दौरे के लिये 16 दिसंबर को भारत से रवाना होगी। पहले इस दौरे पर भारतीय टीम को 4 मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी थी और सीरीज का आगाज 17 दिसंबर से होना था, हालांकि बोर्ड ने बाद में टी20 सीरीज को रद्द करने का फैसला करते हुए सिर्फ टेस्ट और वनडे सीरीज खिलाने का फैसला किया है। किसी भी टीम के लिये विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करने के लिये सेना (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) देशों में जीत हासिल करना बहुत जरूरी है और भारत के पास अपने दबदबे को बढ़ाने का सुनहरा मौका इस सीरीज के साथ आ रहा है।
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पिछले 5-6 सालों में भारतीय टीम ने टेस्ट प्रारूप में काफी शानदार प्रदर्शन किया है और फिर चाहे घरेलू सरजमीं हो या फिर विदेशी टीम ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में दो बार टेस्ट सीरीज में मात देकर इतिहास रचा और ऐसा करने वाली पहली एशियाई टीम बनी तो वहीं पर इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाई हुई है। सीरीज का आखिरी मैच अगले साल जुलाई में खेला जाना है जिसमें जीत हासिल करने पर भारतीय टीम 14 सालों में पहली बार इंग्लिश टीम को उसके घर में मात दे पायेगी। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के बाद अब भारत के पास साउथ अफ्रीका में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। आइये एक नजर उन कारणों पर डालें जिसके चलत भारत के लिये यह कारनामा कर पाना मुमकिन नजर आ रहा है।
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काफी कमजोर है साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी
तेज गेंदबाजों के मुफीद परिस्थितियों में साउथ अफ्रीका की टीम हमेशा ही अपने घर पर सबसे खतरनाक टीमों में से एक नजर आयी है, हालांकि पिछले कुछ सालों में साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसकी वजह से उसकी टीम में अभी भी काफी युवा और कम अनुभवी खिलाड़ी खेलते नजर आ रहे हैं। डीन एल्गर की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीकी टीम में बल्लेबाज के रूप में टेंबा बावुमा, एडेन मार्करम और रॉस वैन डार दुसैं ही ऐसे बल्लेबाज हैं जिनकी बल्लेबाजी पर टीम भरोसा जता सकती है, हालांकि अगर टीम का टॉप ऑर्डर रन बनाने में नाकाम रहता है साउथ अफ्रीका के लिये मुश्किल से उबर पाना मुश्किल हो जाता है।
वहीं पर भारतीय टीम की बात करें तो हाल ही में खेली गई सीरीज में उसके कई मुख्य खिलाड़ी ब्रेक पर थे जिसके बावजूद टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में बार-बार वापसी करने का कारनामा किया है और ऑलराउंडर्स के चलते टीम की बल्लेबाजी में गहराई ने भारतीय बल्लेबाजी को काफी मजबूत किया है। साउथ अफ्रीका दौरे पर जहां रोहित शर्मा, केएल राहुल की वापसी हो रही है तो वहीं पर मध्यक्रम की कमजोर कड़ी अजिंक्य रहाणे का बाहर रहना लगभग तय है। ऐसे में श्रेयस अय्यर मध्यक्रम में आकर बल्लेबाजी को और मजबूत करेंगे।

गेंदबाजी में भारत दे रहा कड़ी टक्कर
साउथ अफ्रीकी परिस्थितियों में अक्सर तेज गेंदबाजों के लिये मदद देखने को मिलती है, जिसके चलते कगिसो रबाडा, एनरिच नॉर्खिया, लुंगी एंगिडी और ब्यूरेन हेंड्रिक्स जैसे गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजी के परखच्चे उड़ा सकते हैं। इतना ही नहीं घरेलू सरजमीं पर जब भी यह गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं तो अक्सर विरोधी टीम को बैकफुट पर धकेलते हुए नजर आते हैं, ऐसे में विरोधी टीम की कमजोर गेंदबाजी उसके लिये घातक साबित होती है। हालांकि भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो उसके पास भी इस समय ऐसे गेंदबाज हैं जो कि ऐसी परिस्थितियों में किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने का दम रखते हैं। साउथ अफ्रीका दौरे पर जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी की वापसी हो रही है तो वहीं पर इन फॉर्म मोहम्मद सिराज के साथ उमेश यादव भी रहने वाले हैं जो इन परिस्थितियों में दुनिया के सबसे घातक गेंदबाजों में से एक साबित होते हैं।

केशव महाराज पर अश्विन का पलड़ा भारी
बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का स्पिन विभाग भी साउथ अफ्रीकी टीम पर भारी रहने वाला है जो कि पहली बार भारत की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करने की ओर इशारा करता है। इस दौरे पर जहां साउथ अफ्रीकी टीम के पास केशव महाराज गेंदबाजी करते नजर आयेंगे तो वहीं पर भारत के लिये रविचंद्रन अश्विन स्पिन की कमान संभालते नजर आयेंगे। भारत के लिये अक्षर पटेल और रविंद्र जडेजा चोट की वजह से इस दौरे का हिस्सा नहीं बन पाये हैं तो वहीं पर जयंत यादव को अश्विन के साथ मौका दिया गया है। ऐसे में मौजूदा फॉर्म को देखते हुए अश्विन का खेलना तय माना जा रहा है। वहीं केशव महाराज की बात करें तो उनके पास भी काफी प्रतिभा है लेकिन रविचंद्रन अश्विन का अनुभव उन्हें इस प्रतिस्पर्धा में आगे ला खड़ा करता है। भारतीय टीम के पास इस दौरे के लिये जिस तरह का पावरहाउस है, अगर वो वैसा ही प्रदर्शन भी करते हैं तो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हो जायेगी।भारत ने साउथ अफ्रीका में पहली बार साल 2006 में एक टेस्ट मैच जीता था, हालांकि उस सीरीज में उसे 2-1 से हार मिली थी।
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