INDvSA: योगा करते हैं, मंदिर भी जाते हैं, मिलिए अफ्रीकी टीम के सबसे नए टेस्ट क्रिकेटर से
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीकी टीम में एशियाई मूल के खिलाड़ियों ने अपने खेल से शानदार प्रदर्शन किया है। चाहें हाशिम अमला हों या फिर केशव महाराज, इस प्रतिभाओं ने अपने खेल से दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट को आगे बढ़ाया है। प्रोटियाज टीम इस समय भारत दौरे पर विशाखापत्तनम में टेस्ट मैच खेल रही है। यह तीन मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट है। इस मैच के जरिए सेनुरन मुथुसामी भी दक्षिण अफ्रीका के लिए टेस्ट डेब्यू कर रहे हैं। मुथुसामी भारतीय मूल के हैं जो दक्षिण भारत के तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं। उनका परिवार भले ही दक्षिण अफ्रीका में चला गया हो लेकिन 25 साल के इस बैटिंग ऑलराउंडर के लिए भारत एक अजनबी जगह नहीं है।

भारतीय मूल के सबसे नए अफ्रीकी टेस्ट क्रिकेटर-
डरबन के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिनर ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ए टीम की ओर से भारत का दौरा किया था। हालांकि मुथुसामी किसी भी दूसरे दक्षिण अफ्रीकी व्यक्ति की ही तरह से पले-बढ़े हैं लेकिन उनको इस बात की सबसे ज्यादा खुशी है कि उनका टेस्ट डेब्यू उस देश के खिलाफ हो रहा है जो उनका मूल देश है। पीटीआई से बात करते हुए सेनुरन मुथुसामी ने बताते हैं, 'हमारी जड़ें चैन्नई से हैं। मेरे परिवार के कुछ लोग अभी भी नागपत्तनम ( चैन्नई से 300 किलोमीटर दूर) में रहते हैं। कई पीढ़ियां गुजर गई हैं लेकिन अभी भी भारत के साथ काफी जुड़ाव बना हुआ है और हमारी कल्चर भी काफी हद तक भारतीय है।'
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'योगा करता हूं, मंदिर जाता हूूं'
वे आगे बताते हैं- 'मेरे माता-पिता तब खुश थे जब उन्हें मेरे चयन के बारे में पता चला (दक्षिण अफ्रीका के लिए) और भारत के खिलाफ मेरा पदार्पण इसे और भी खास बनाता है।" अपने भारतीय वंश के बारे में बात करते हुए मुथुसामी ने कहा: "मैं डरबन में घर वापस आकर योग करता हूं। डरबन में सबसे ज्यादा भारतीय आबादी रहती है। हम नियमित रूप से मंदिर जाते हैं और मेरे परिवार के कुछ लोग तमिल भी बोलते हैं। दुर्भाग्य से मैं नहीं बोलता, लेकिन मैं धीरे-धीरे भाषा सीखना शुरू कर रहा हूं। " केशव महाराज भी भारतीय मूल के एक और दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर हैं जो विशाखापत्तनम टेस्ट में खेल रहे हैं। इसके अलावा टीम में डेन पिड्ट के रूप में एक और विशेषज्ञ स्पिनर हैं। ऐसे में मुथुसामी को यकीन नहीं था कि उनका चयन हो ही जाएगा।

बेंगलुरु में रहकर ली थी उपमहाद्वीप में ढलने की ट्रेनिंग-
हालांकि भारतीय परिस्थितियों को देखते हुए प्रोटियाज टीम ने अपना विचार बदल दिया और मुथुसामी को टीम में तीसरे स्पेशियलिस्ट स्पिनर के तौर पर जगह मिल गई। मुथुसामी ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 3403 रन बनाए हैं, जिसमें 32.72 के अलावा 129 विकेट 28.65 औसत के साथ उनके नाम पर हैं। बैंगलोर में एक अकादमी में ए टीम के साथ उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में ढलने के लिए तैयारी की थी। इस बारे में बात करते हुए मुथुसामी बताते हैं- "आपको वास्तव में गर्मी से निपटना पता होना चाहिए। खेल को जीतने के लिए यहां स्पिनरों पर अधिक दबाव है और यह निरंतरता का मामला है।'
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भारत नहीं बल्कि श्रीलंका के ये दो क्रिकेटर हैं फेवरेट-
सबको उम्मीद होगी कि मुथुसामी का फेवरेट क्रिकेटर कोई भारतीय ही होगा लेकिन ऐसा नहीं है। मुथुसामी श्रीलंका के रंगना हेराथ और कुमार संगकारा की सबसे ज्यादा इज्जत करते हैं। वे इस बारे में बात करते हुए बताते हैं, "मैंने वास्तव में हेराथ और संगकारा की प्रशंसा की है। संगकारा इसलिए क्योंकि जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, उनके क्रिकेट, और मैदान से बाहर के जीवन का उनका जीवन, वह ऐसे हैं जिनको मैं देखना चाहूंगा। उन्होंने कहा, "मैं दूसरों को भी देखता हूं, जैसे कि शाकिब अल हसन, मोइन अली, बिशन बेदी, लेकिन उन दो (संगकारा और हेराथ) का मैं सबसे बड़ा मुरीद हूं।' मुथुसामी एक ही समय में विकेट लेने और रन-रेट को नियंत्रित करने की क्षमता रखते हैं जो घरेलू क्रिकेट में उनकी सफलता का कारण है और वह दक्षिण अफ्रीका के लिए इसका अनुकरण करना चाहते हैं। इस दौरान मुथुसामी ने टी-20 क्रिकेट खेलने की भी इच्छा जाहिर की है।
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