
स्लेजिंग के माहिर कंगारू
ऑस्ट्रेलियाई इस स्लेजिंग के बहुत माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं या कह लीजिए की कंगारू खिलाड़ी अपनी स्लेजिंग करने की आदत के कारण पूरी दुनिया में बदनाम हैं। ऐसा करने के पीछे ऑस्ट्रेलिया की किसी भी सूरत में जीत हासिल करने की जिद है। इसी जिद के चलते यह टीम मैदान पर काफी सख्त खेल दिखाती है। हालांकि पिछले कुछ महीने इस टीम के लिए बहुत ही बुरे गुजरे हैं।
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अब दोस्ताना माहौल में खेलेंगे?
ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लिए स्लेजिंग के अलावा गेंद से छेड़छाड़ करने जैसे हथकंडे भी अपनाए। गड़बड़ यह हुई की कंगारू कप्तान समेत टीम के बाकी मुख्य खिलाड़ी भी यह फर्जीवाड़ा करते सरेआम धरे गए। उसके बाद से स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरून बैनक्राफ्ट पर बैन लगा और बाद में एक के बाद एक करके ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट से भी बड़े बड़े नामों की छुट्टी होती गई।
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खेल का नया माहौल
अब टीम में एकदम नई संस्कृति लाने की बात की जा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या ऑस्ट्रेलियाई टीम अबकी बार वाकई में स्लेजिंग के मामले में ढिलाई बरतेगी। कंगारूओ ने इस बार खुद कहा है कि इस बार हम भारत के साथ दोस्ताना माहौल बनाए रखेंगे।

भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी की राय
इसका जवाब कई बार ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर चुके भारतीय तेज गेंदबाज इंशात शर्मा ने दिया। रिकी पोटिंग को डाले गए जबरदस्त स्पैल के कारण चर्चा में आए शर्मा ने कहा, " ऑस्ट्रेलियाई टीम से दोस्ताना व्यवहार की उम्मीद करना बेकार है। जब आप अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं तो एक एक रन और विकेट के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियां काफी कड़ी हैं"
इसमें कोई शक नहीं की मौजूदा भारतीय टीम में इशांत से बेहतर ऑस्ट्रेलिया को कोई नहीं जानता। इसलिए भले ही इस बार ऑस्ट्रेलिया ने खुद कहा हो कि हम दोस्ताना माहौल बनाए रखेंगे, लेकिन जैसे ही मैदान पर कड़ी परिस्थितियां आती हैं तो ही पता चलेगा कि वास्तव में कंगारू कितना बदले है और कितना नहीं।


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