कूल नहीं हॉट कैप्टन धोनी, जडेजा के लिए बीसीसीआई को सुनाई खरी-खरी
धोनी ने साफ लफ्जों में कहा है कि अगर इस मुद्दे पर बीसीसीआई सख्त होता तो निश्चित तौर पर जडेजा के साथ न्याय होता लेकिन बीसीसीआई के लचर रवैये और अनभिज्ञता की वजह से भारत को आईसीसी से मुंह की खानी पड़ी।
गौरतलब है कि रविंद्र जडेजा के लिए आईसीसी से बीसीसीआई ने लिखित अनुरोध किया था कि वो इस मसले पर फिर से सोचे जिसको कि आईसीसी ने ठुकरा दिया। आपको यहां बताते चले कि आईसीसी के न्यायिक आयुक्त गॉर्डन लुइस ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में जडेजा और एंडरसन दोनों को दोषमुक्त करार दिया। भारतीय टीम को समझौता करने की पेशकश की गई थी, जिसमें एंडरसन का माफी मांगना शामिल था। अगर ऐसा हो सकता तो इसे ही भारत की जीत माना जा सकता था।
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— CNN-IBN News (@ibnlive) August 6, 2014 मालूम हो कि धोनी के इससे पहले भी कहा था कि मेरे लिए यह बेहद दुखद फैसला है। मुझे लगता है कि इस मामले पर फैसला करते हुए बहुत सी बातों को अनदेखा किया गया।" जडे़जा के साथ जो कुछ भी हुआ है वो गलत हुआ है। कैप्टन कूल ने घटना के ब्यौरों को याद करते हुए कहा, "मैं इस मामले में किसी और का नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन हम मैदान से स्टेडियम की ओर जा रहे थे कि विपक्षी टीम के एक खिलाड़ी ने जडेजा के लिए अपशब्द कहे। मुझे बीच बचाव के लिए आना पड़ा और जब हम मैदान से बाहर निकलने ही वाले थे कि मामला और बिगड़ गया।"
अगर एंडरसन माफी मांगते तब सही मायने में भारत के साथ न्याय होता
लेकिन बीसीसीआई अगर इस मामले पर पहले सुन लेता तो शायद आज एंडरसन, जडेजा से माफी मांग लेते। धोनी का यू बीसीसीआई पर आरोप मढ़ने से अंतराष्ट्रीय जगत में भी काफी सुर्खियां बन गया है। देखते हैं धोनी के इस बात का बीसीसीआई क्या जवाब देता है?