नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी के संन्यास लेने के बाद टीम के युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। धोनी की तरह विकेट के पीछे गेंद पकड़ने की उनकी काबिलियत और मध्यक्रम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने के टैलेंट को देखते हुए ऐसा माना जा रहा था कि धोनी के जाने के बाद ऋषभ पंत टीम में उनकी जगह संभालेंगे। वहीं पंत ने भी अपने करियर की शानदार शुरुआत करते हुए पहले इंग्लैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हीं की सरजमीं पर शतक लगाने का काम किया।
हालांकि उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी के चलते वह अब टीम से साइडलाइन किये जा चुके हैं। धोनी की जगह तीनों प्रारूपों में खेल चुके ऋषभ पंत मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिर्फ टेस्ट टीम का ही हिस्सा बन सके हैं और उसमें भी साहा के साथ उनकी प्रतिस्पर्धा है।
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ऋषभ पंत पिछले कुछ समय से मौके दिये जाने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन कर पाने में नाकाम रहे हैं। इसे देखते हुए साल 2020 की शुरुआत में कुछ मैच के बाद से ही उन्हें सीमित ओवर्स प्रारूप में मौका नहीं मिला है। उनके बजाय केएल राहुल को विकेटकीपिंग को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिन्होंने पहले भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, फिर न्यूजीलैंड दौरे पर और हाल ही में समाप्त हुई ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया।
ऋषभ पंत की परिस्थिति को लेकर भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने बात करते हुए कहा कि उन्हें अपने टैलेंट को रनों में बदलने की जरूरत है।
स्पोर्टस तक के साथ बात करते हुए पार्थिव ने कहा,' जब भी आप पंत की बात करते हैं तो इसमे कोई शक नहीं है कि इस खिलाड़ी के पास टैलेंट की कोई कमी नहीं है। जब भी मेरी उनसे मुलाकात होती है तो मैं उन्हें यही कहता हूं कि लोग आपके बारे में इसलिये बात करते हैं क्योंकि आपके पास काफी टैलेंट है। लेकिन अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपने टैलेंट को रनों में कैसे बदलते हैं।'
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पार्थिव पटेल ने आगे बात करते हुए कहा लॉकडाउन के चलते उनका वजन थोड़ा बढ़ गया है, हालांकि उन्हें वजन बढ़ाने के बजाय रन बनाने पर ध्यान देना था। फिर भी मुझे लगता है कि वह अच्छी वापसी करेंगे।
उन्होंने कहा,' मेरा अनुभव कहता है कि कोई भी टीम कभी भी भारतीय टीम में सेलेक्शन से बहुत दूर नहीं होता है। बस उसे खुद पर विश्वास करने की जरूरत होती है। पंत को घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाना होगा और साथ ही अच्छी विकेटकीपिंग करके बताना होगा कि वह टीम के लिये कितने जरूरी हैं। उन्हें दिखाना होगा कि वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिये तैयार हैं।'