INDvsWI: लालू के बिहार से है पहले ही मैच में शतक ठोकने वाले पृथ्वी शॉ का कनेक्शन
नई दिल्ली। जब कोई खिलाड़ी मैदान में अपना जलवा बिखेरता है तो बाहर बैठे लाखों दर्शक उसके अंदाज के कायल दिखते हैं। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो एक दिन अपने देश के लिए खेले, और देश का नाम आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपने करियर को भी एक मजबूत स्थिति में लेकर जाए। वहीं, जब कोई महान खिलाड़ी मैदान में उतरता है तो उसकी पहली झलक ही लोगों के दिल में वो छाप छोड़ जाती है कि हर कोई उसे अपना चहेता बना लेता है। ऐसी ही एक अमिट छाप क्रिकेट जगत में 18 वर्ष की उम्र में ही पृथ्वी शॉ ने छोड़ दी है। वेस्टइंडीज के साथ खेले गए अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शॉ ने शतक जड़कर कई शानदार रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिए हैं। वहीं उनकी इस सफलता पर मुंबई के विरार से बिहार तक जश्न का माहौल है। जी हां दरअसल शॉ की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हुई हैं। बिहार का जिक्र आते ही राजनीति के धुरंधर लालू का नाम सबसे पहले जेहन में आता है वहीं अब क्रिकेट जगत में भी बिहार का डंका पृथ्वी के नाम से बज रहा है। दोनों में एक बड़ी समानता भी है, दोनों का कद भले ही छोटा हो लेकिन अपने-अपने क्षेत्र में दोनों की हद शीर्ष पर है।
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बिहारी बाबू हैं पृथ्वी शॉः
मुंबई के विरार में पले बढ़े शॉ का मूल निवास बिहार के गया के मानपुर में है। उनके दादा अशोक साव, मानपुर के शिवचरण लेन में बालाजी कटपीस नाम के कपड़े की दुकान चलाते हैं। शॉ के पिता पंकज रोजगार की तलाश में मुंबई शिफ्ट हुए थे जहां बचपन से ही पृथ्वी को क्रिकेट खेलने का जुनून था। अभी भी उनके दादा-दादी के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य बिहार में रहते हैं।

शॉ नहीं साव हैं पृथ्वीः
शॉ के पिता पंकज रोजगार की तलाश में मुंबई गए थे जहां उन्होंने साव टाइटल को हटाकर बाद में शॉ कर लिया और ये टाइटल अब पृथ्वी के करियर से जुड़ गया है। इस युवा खिलाड़ी ने क्रिकेट में अपने नाम कई शानदार रिकॉर्ड्स बना लिए हैं। वहीं, रणजी का डेब्यू हो या दिलीप ट्रॉफी का या फिर टीम इंडिया में टेस्ट करियर का आगाज भारत के इस युवा ने शतक लगाकर आगाज किया है।

बचपन में ही उठ गया था सिर से मां का साया, दादा ने कहा देश तुम प गर्व करेगाः
पृथ्वी के दादा अशोक बताते हैं कि 4 साल की जब पृथ्वी 3 वर्ष का था तभी उनकी मां गुजर गई और उनके पिता ने उनके क्रिकेटर बनाने की ठान ली। वहीं जब शॉ ने अंडर-19 टीम की कमान संभालकर भारत को विश्वविजेता बनाया तो अशोक ने उन्हें बधाई नही दी बल्कि उन्होंने अपने पोते से कहा कि एक दिन सारा देश तुम्हें बधाई देगा। आज शतक जड़कर शॉ ने अपने दादा का यह कथन भी सार्थक कर दिया है।

मानपुर में दिवाली सा जश्न का माहोलः
बिहार का यह इलाका बिजनेस के लिए खासा फेमस है वहीं इस इलाके में उस दिन जश्न का माहौल होता है जब आईआईटी का रिजल्ट आता है लेकिन इस खिलाड़ी की इस सफलता ने आज का दिन भी यहां के लोगों के लिए यादगार बना दिया।
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