For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

जानें क्या था धोनी के करियर का सबसे निडर और निस्वार्थ निर्णय, रवि शास्त्री ने बताया

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दुनिया के सबसे सफल कप्तान के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने अपने करियर के दौरान कैबिनेट में आईसीसी की सभी ट्रॉफियां जीती। अपने करियर के दौरान धोनी ने भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए विश्व क्रिकेट पर राज किया। भले ही एमएस धोनी ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर को साल 2020 में अलविदा कहा हो लेकिन क्रिकेट के सबसे पुराने और लंबे प्रारूप टेस्ट से उन्होंने साल 2014 में ही ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस आने के बाद संन्यास ले लिया था।

और पढ़ें: IND vs ENG: खुद को 'लॉर्ड' बुलाये जाने पर शार्दुल ठाकुर ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या कहा

भारत के लिये 90 टेस्ट मैच खेलने के बाद धोनी ने अचानक से ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया और किसी भी तरह के फेयरवेल मैच की मांग नहीं की, धोनी के निर्णय ने सभी को हैरान कर दिया था।

और पढ़ें: 'गिलक्रिस्ट का आधा भी नहीं हैं पंत', ऋषभ की खराब फॉर्म पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने साधा निशाना

रवि शास्त्री ने अपनी किताब में धोनी को लेकर किया खुलासा

रवि शास्त्री ने अपनी किताब में धोनी को लेकर किया खुलासा

हाल ही में भारतीय टीम के मौजूदा कोच रवि शास्त्री ने धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के निर्णय को उनके करियर का सबसे निडर और निस्वार्थ डिसीजन बताया। शास्त्री ने आगे कहा कि यह सच है कि एमएस धोनी हर मैच के साथ जवान नहीं हो रहे थे लेकिन वह चाहते तो अपने टेस्ट क्रिकेट के आंकड़ों को थोड़ा खींच सकते थे। वह अब भी टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों की लिस्ट में टॉप 3 में शुमार होते।

रवि शास्त्री ने हाल ही में अपनी एक किताब 'स्टारगेजिंग- द प्लेयर्स इन माय लाइफ' का विमोचन किया है जिसमें वह अपने करियर के दौरान आये खिलाड़ियों के बारे में लिखते नजर आये हैं। इस किताब में शास्त्री ने धोनी और उनके टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के निर्णय पर भी लिखा है।

धोनी चाहते तो आंकड़े सुधारने के लिये लंबा रख सकते थे करियर

धोनी चाहते तो आंकड़े सुधारने के लिये लंबा रख सकते थे करियर

उन्होंने कहा,'एक ऐसा खिलाड़ी जिसके खाते में 3 आईसीसी खिताब हों, जिसमें 2 विश्व कप और आईपीएल से जुड़ी बेहद शानदार यादें। उनकी फॉर्म भी शानदार थी और वो 100 टेस्ट मैच खेलने के कीर्तिमान को हासिल करने से महज 10 मैच ही दूर थे। वह टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों की टॉप 3 में शामिल थे, वह चाहते तो ज्यादा कुछ नहीं कम से कम अपने टेस्ट क्रिकेट के इन आंकड़ों में इजाफा कर सकते थे। उनका यह कहना सही था कि वो अब और जवां नहीं हो रहे हैं लेकिन वो उतने बूढ़े भी नहीं हो रहे थे। उनका निर्णय उस वक्त समझ से परे था।'

संन्यास न लेने के लिये भी की थी बात

संन्यास न लेने के लिये भी की थी बात

शास्त्री ने इस किताब में आगे खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने धोनी से उनका संन्यास लेने का निर्णय बदलने के लिये भी बात की थी लेकिन उन्होंने खुद को आगे थोपने से इंकार कर दिया। हालांकि रवि शास्त्री जब मौजूदा समय में इस निर्णय की ओर देखते हैं तो यह न सिर्फ बिल्कुल सही नजर आता है बल्कि सबसे निडर और निस्वार्थ भी लगता है।

उन्होंने कहा,'सभी खिलाड़ी कहते हैं कि उनके लिये करियर में रिकॉर्ड और आंकड़े मायने नहीं रखते हैं लेकिन कुछ हैं जो रखते हैं। मैंने इस मुद्दे पर धोनी से दूसरे तरीके से बात करने की कोशिश की और अलग एंगल के साथ बात कर उन्हें निर्णय बदलने के लिये मनाना चाहा। हालांकि धोनी के बात करने के तरीके में मुझे दृढ़ता नजर आयी जिसने मुझे मामले को आगे पुश करने से रोक दिया। आज जब वापस देखता हूं तो मुझे उनका निर्णय न सिर्फ सही लगता है बल्कि बहादुर और निस्वार्थ भी लगता है।'

Story first published: Friday, September 3, 2021, 17:29 [IST]
Other articles published on Sep 3, 2021
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+