For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

सबसे आलसी क्रिकेटरों की ऑल-टाइम प्लेइंग XI, सुस्ती रही इन खिलाड़ियों की पहचान

नई दिल्लीः क्रिकेट दुनिया के लोकप्रिय खेलों में से एक है लेकिन यह ऐसा खेल है जिसमें फिटनेस की डिमांड अन्य बड़े आउटडोर खेलों की तुलना में थोड़ी कम रहती है। हालांकि क्रिकेटरों ने फुटबॉलर और अन्य एथलीटों को देखकर अपनी फिटनेस में भी काफी जबरदस्त सुधार किया है और आज एशियाई क्रिकेट में थी विराट कोहली जैसे खिलाड़ी फिटनेस के अगुआ बनकर उभरे हैं। फिर भी यह खेल ऐसा है कि इसमें आप सुस्त खिलाड़ी को आज भी ढूंढ सकते हैं। भारत के रोहित शर्मा अपने टीमों के अन्य साथियों की साथियों की तुलना में सुस्त माने जाते हैं तो वहीं पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान सरफराज अहमद अपनी सुस्ती के चलते दुनिया में बदनाम रहे। इस आर्टिकल में हम एक ऐसी प्लेइंग इलेवन पर चर्चा करेंगे जो विश्व क्रिकेट की सर्वकालिक सुस्त टीम साबित होगी।

1. रोहित शर्मा

1. रोहित शर्मा

यहां रोहित शर्मा को बतौर ओपनर जगह मिली है जो कि दुनिया के मौजूदा खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज में एक हैं। रोहित शर्मा हालांकि फिटनेस में अपनी टीम को कोई दिक्कत नहीं दे रहे हैं लेकिन उनकी कद काठी उतनी एथलेटिक नहीं है जितनी कि विराट कोहली या ने खिलाड़ियों की है। कई बार उनके खेलने का स्टाइल भी ऐसा है कि इसको लेजी एलीगेंस का नाम दिया जाता है। रोहित का शरीर ऐसा है कि अगर वे अपनी फिटनेस पर कुछ दिन तक काम करना छोड़ दें तो उनका पेट भी बाहर निकल आता है। ऐसे में उनको उनके सुस्त अंदाज के चलते हैं यहां बतौर ओपनर पहली जगह मिली है।

आज ही के दिन 2007 में भारत के टॉप-4 बल्लेबाजों ने बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था गजब का रिकॉर्ड

2. मोहम्मद शहजाद-

2. मोहम्मद शहजाद-

दूसरे स्थान पर अफगानिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद हैं। वे भले ही अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम में एक नियमित सदस्य नहीं है लेकिन उन्होंने अपने करियर में कई शानदार पारियां खेली हैं और उन्होंने भारत के ताकतवर गेंदबाजी अटैक के सामने वनडे क्रिकेट में 1 शतक भी जड़ा है। उनके फिटनेस हमेशा भयानक रही है। वे भारी भरकम शरीर के हैं, भले ही वे चौके छक्के जड़ सकते हो लेकिन उन्होंने अपनी सुस्ती के चलते विकेट के पीछे कई मौके गंवाए हैं।

3. क्रिस गेल-

3. क्रिस गेल-

नंबर तीन पर निश्चित तौर पर यूनिवर्सल बॉस क्रिस गेल आएंगे जो की मांसपेशियों में तो किसी बॉडीबिल्डर के समकक्ष हैं लेकिन मैदान पर भागने दौड़ने की चपलता में वह किसी सुस्त खिलाड़ी से कम नहीं है। क्रिकेट में सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शुमार यह खिलाड़ी चौके छक्कों में अधिक विश्वास रखता है और जहां 2 रन लेने चाहिए वहां 1 रन के लिए भागता है जिसका कारण पूरी तरह से उनकी सुस्ती है। हालांकि गैल 41 साल के हो चुके हैं और उम्र का प्रभाव भी फिटनेस पर पड़ता ही है इसके बावजूद इसमें कोई दो राय नहीं है कि सुस्ती गेल के स्वभाव में है। उनके पास कुदरत ने अन्य क्षमता इतनी अधिक दी है कि उनको बहुत अधिक शरीर हिलाने डुलाने की जरूरत नहीं पड़ती है वह खड़े-खड़े छक्के मार लेते हैं। यहां तक कि जब क्रिस गेल गेंदबाजी करते हैं तो भी एक्शन भी इस तरह का बनाते हैं कि उसमें भी ज्यादा भागना ना पड़े। वह खड़े-खड़े गेंदबाजी करने में भी कई बार सुकून महसूस करते हैं।

4. सौम्या सरकार-

4. सौम्या सरकार-

चौथे नंबर पर इस लिस्ट में एक और एशियाई शामिल है जो कि बांग्लादेश के ऑलराउंडर सौम्या सरकार हैं। वे बीच के ओवरों में आकर तेजी से रन बना सकते हैं और मीडियम पेस गेंदबाजी भी कर सकते हैं। उन्होंने 2014 में डेब्यू किया था और तब से टीम के नियमित हिस्से रहे हैं। हालांकि वे बीच-बीच में आलोचकों के निशाने पर आते हैं जिसका कारण उनकी फील्डिंग है क्योंकि वह आउटफील्ड में अधिक तेज नहीं है जिसके चक्कर में बांग्लादेश को रन लुटाने पड़ते हैं। इसके अलावा वे विकेटों के बीच भी बहुत अच्छी दौड़ नहीं लगाते हैं जिसके चक्कर में उनकी आलोचना काफी की जाती है। ताज्जुब की बात यह है कि वे अभी भी 28 साल के हैं और उनके पास सुस्ती दिखाने का कोई बहाना नहीं है। हम उम्मीद करते हैं वे भविष्य में अपनी फिटनेस पर काम करेंगे और इस लिस्ट से अपनी जगह हटवाने में कामयाब रहेंगे, लेकिन फिलहाल उनका नाम यहां पर आएगा।

5. हैरिस सोहेल-

5. हैरिस सोहेल-

एशियाई खिलाड़ियों की एक और पेशकश पाकिस्तान के ऑलराउंडर हैरिस सोहेल हैं जिनका नाम काफी आकर्षक लगता है लेकिन वे अपने शरीर में इस नाम के साथ न्याय नहीं करते। हरिस सोहेल वैसे तो एक विश्वसनीय मध्यक्रम के बल्लेबाज है लेकिन उन्होंने फील्डिंग करते हुए कई मौके छोड़े हैं और खासकर वे कैच भी बहुत छोड़ते हैं। वह विकेटों के बीच दौड़ लगाते हुए भी बहुत चपल दिखाई नहीं देते। एक बल्लेबाज के तौर पर वे शानदार है और क्रिकेट के उन पुराने दिनों की याद दिलाते हैं जब क्रिकेटर माना करते थे की तोंद वगैरह निकालने से कुछ नहीं होता बस कौशल आपके पास होना चाहिए। सोहेल के पास कौशल है क्योंकि उनका एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में औसत 46 का है और वह लंबे समय तक पाकिस्तान क्रिकेट की सेवा कर सकते हैं। उनको थोड़ी फिटनेस अपनी ठीक करनी होगी और अपने शरीर को एथलीट की तरह बनाना होगा।

आज ही के दिन 1999 WC में द्रविड़-गांगुली ने रचा था ODI क्रिकेट में अनोखा इतिहास

6. सरफराज अहमद-

6. सरफराज अहमद-

पाकिस्तान के ही एक और खिलाड़ी सरफराज अहमद इस प्लेइंग इलेवन के विकेटकीपर होंगे। सरफराज अहमद ऐसे पूर्व कप्तान रहे हैं जिनका मजाक पाकिस्तान में और पूरी दुनिया में बहुत बना है। किसी न किसी कारण से सरफराज ने हमेशा अपना मजाक उड़वाया है। 2019 के विश्व कप में सरफराज अहमद की जम्हाई लेते हुए फोटो काफी वायरल हुई थी और उनकी फिटनेस किसी आम इंसान के जैसी ही लगती है। उनको देखकर नहीं लगा कि वह अपनी टीम के कप्तान हैं और ना वे विश्व क्रिकेट के बेहतरीन एथलीट में से एक हैं। सरफराज अहमद का आत्मविश्वास बाद में काफी डगमगा गया था क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बाबर आजम में अपनी नई संभावनाएं देखनी शुरू कर दी थी जिसके चलते सरफराज अहमद ने ना केवल कप्तानी गंवाई बल्कि टीम से भी अपनी जगह गंवा दी थी।

7. सुनील नरेन-

7. सुनील नरेन-

अगर आपने गौर किया हो तो इस लिस्ट में अभी तक एशियाई खिलाड़ी और कैरेबियाई खिलाड़ी ही शामिल है। एक और कैरेबियाई का नाम इसमें जुड़ता है जो कि भारतीय मूल के खिलाड़ी सुनील नरेन है। देखा जाए तो एशियाई मूल के खिलाड़ियों का बोलबाला इस लिस्ट में लगातार जारी है। नरेन की बात करें तो वह एक शानदार ऑफ स्पिनर हैं और टी-20 क्रिकेट में काम चलाऊ तेज बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। उनकी फिटनेस को लेकर बात ना की जाए तो अच्छा ही है क्योंकि यह खिलाड़ी आउटफील्ड में बहुत आसान कैच भी कई बार आसानी से छोड़ देता है और इसके अलावा मैदान पर गेंद को पकड़ने की उनकी क्षमता पर हमेशा सवाल उठेंगे। वे अक्सर फाइन लेग या थर्डमैन पर फील्डिंग करते रहते हैं। इसके अलावा यह खिलाड़ी चोटों के भी काफी करीब रहता है और जिससे उनकी फिटनेस और भी ज्यादा दिक्कत में आ जाती है। हालांकि T20 वर्ल्ड कप के लिए भी अभी भी अपनी टीम के चयन के लिए दावेदार हैं क्योंकि उनका रिकॉर्ड काफी अच्छा है।

'दुनिया रुक गई थी', IPL 2021 में कोविड-19 के अनुभव को याद कर फूट-फूटकर रोया ये कीवी खिलाड़ी

8. कुलदीप यादव-

8. कुलदीप यादव-

इस टीम के कलाई के गेंदबाजों होंगे कुलदीप यादव। कुलदीप यादव की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से तनावग्रस्त रही है और उनको आसानी से मैदान पर टूटते हुए देखा जा सकता है। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 2 हैट्रिक भी हैं और उन्होंने जब यजुवेंद्र चहल के साथ अपना करियर शुरू किया था तो सबको लगा था कि वह आने वाले समय के महानतम स्पिनरों में से एक होंगे लेकिन आज प्लेइंग इलेवन में जगह पाने के लिए भी तरसते हैं। उनकी गेंदबाजी भी अब धीरे-धीरे अपनी धार कुंद करने लगी है लेकिन निश्चित तौर पर यह कुलदीप की चपलता है जिस पर उनको काम करना होगा। भारतीय क्रिकेट टीम ने विराट कोहली के कप्तान बनने के बाद तेजी से अपनी फील्डिंग और फिटनेस में सुधार किया है लेकिन कुलदीप यादव फील्डिंग कोच आर श्रीधनर को और मेहनत करने की जरूरत है।

9. तबरेज शम्सी-

9. तबरेज शम्सी-

आखिरकार एक प्रोटियाज गेंदबाज तबरेज शम्सी ने इस प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बना ली है। दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी होने के बावजूद तबरेज एशियाई मूल के ही हैं। वे एक अच्छे गेंदबाज हैं जो विभिन्न तरह के T20 लीग में भी खेलते रहते हैं लेकिन उनकी फील्डिंग में सुधार की अभी भी काफी गुंजाइश है। क्योंकि वे एक बॉलर हैं तो विकेटों के बीच उनकी दौड़ को लेकर आलोचना ज्यादा नहीं होती है इस पर अधिक ध्यान भी नहीं दिया जाता है लेकिन उनकी टीम के फील्डिंग स्टैंडर्ड इतने अच्छे हैं कि तबरेज को बहुत मेहनत करने की जरूरत है।

10. लसिथ मलिंगा-

10. लसिथ मलिंगा-

चूंकी ये एक ऑल टाइम प्लेइंग इलेवन है तो इसमें हम संन्यास ले चुके दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा को भी शामिल करेंगे। यॉर्कर किंग के नाम से मशहूर रहा यह बॉलर अपनी फिटनेस को लेकर हमेशा सवालों में रहेगा। लसिथ मलिंगा हमेशा अपने एक्शन और खराब फिटनेस के चलते चोटों के शिकार बने रहे जिसके चलते उनका टेस्ट करियर भी बहुत छोटा था। अगर गेंद आपके किसी फील्डर के पास बहुत तेजी से आ रही है या फिर यह एक कैच है और फील्डर लसिथ मलिंगा है तो आप जानते हैं कि आप की धड़कन तेज हो जाएंगे क्योंकि आप उन पर भरोसा नहीं कर सकते। लसिथ मलिंगा इन सब चीजों की कमी अपनी अंगूठे को तोड़ने वाली यॉर्कर फेंककर पूरी करते रहे हैं। उन्होंने इस साल होने वाले T20 वर्ल्ड कप में खेलने की इच्छा जताई है लेकिन सिलेक्टर्स शायद ही उनको इस शोपीस इवेंट के लिए चुनेंगे।

11. मोहम्मद इरफान-

11. मोहम्मद इरफान-

यह लिस्ट केवल क्रिस गेल को ही एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर शामिल करके समाप्त हो रही है जो एशियाई मूल से बाहर के हैं क्योंकि 11वें खिलाड़ी के तौर पर भी पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान का नंबर आता है। मोहम्मद इरफान एक काफी लंबे गेंदबाज थे जिनकी लंबाई 7 फुट 1 इंच थी और उनको खेलना आसान नहीं था जिसका कारण था उनको मिलने वाला बाउंस। इसके अलावा इस गेंदबाज की गति भी ठीक-ठाक थी जो 140 किलोमीटर प्रति घंटा के इर्द-गिर्द घूमती थी लेकिन यह गेंदबाज द ग्रेट खली की तरह हमेशा अपनी फिटनेस को लेकर जूझता रहा। वे अपनी लंबाई के चलते कई बार नीचे झुकने में दिक्कत महसूस करते थे मैदान को कवर करने में भी उनको दिक्कत होती थी। ऐसा नहीं है कि ऊंचे कद के खिलाड़ी अच्छे फील्डर नहीं हो सकते लेकिन इरफान की फील्डिंग हमेशा शक के दायरे में रही। 38 साल का यह खिलाड़ी पाकिस्तान के लिए अक्टूबर 2019 में खेला था और अपने करियर की संध्या पर है जहां पर इस बात की संभावनाएं बहुत कम है कि वे पाकिस्तान के लिए फिर से खेल पाएंगे हालांकि वह घरेलू सर्किट में अभी भी बल्लेबाजों को तंग करने का काम कर रहे हैं।

Story first published: Wednesday, May 26, 2021, 13:11 [IST]
Other articles published on May 26, 2021
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+