बेंगलुरू। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने बेंगलुरू टेस्ट की दूसरी पारी में डीआरएस के लिए मदद के इरादे से ड्रेसिंग रूम की तरफ देखने पर अफसोस जाहिर किया है। स्टीव स्मिथ ने कहा कि यकीनन मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था लेकिन पता नहीं क्यों मैंने ऐसा किया। स्मिथ ने मैच के बाद इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जैसे मेरा दिमाग ही काम नहीं कर रहा था।
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बेंगलुरू में दूसरे टेस्ट की चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 188 रन बनाने थे लेकिन टीम 112 रन पर आउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया की टीम जब बल्लेबाजी कर रही थी, तो ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ के 'चीटिंग' करने की बात कही गई। दरअसल 28 रन पर खेल रहे स्मिथ को उमेश यादव की गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिया गया, जिसके बाद लगा कि स्मिथ डीआरएस लेंगे लेकिन फैसला लेने से पहले स्मिथ ने अपने ड्रेसिंग रूम की तरफ देखकर जानने की कोशिश की कि क्या वो डीआरएस लें या नहीं।
स्मिथ के ड्रेसिंग रूम की तरफ देखने पर भारत के कप्तान विराट कोहली भड़क गए थे और अंपायर से इसकी शिकायत की थी। अंपायर ने भी स्मिथ को ऐसा ना करने को कहा। इसके बाद स्मिथ पवेलियन लौट गए थे। कमेंटेटर भी स्मिथ की हरकत पर चौंक गए थे। दरअसल डीआरएस के नियम 3.2 के मुताबिक अगर बल्लेबाज को रिव्यू लेना है, तो वो सिर्फ अपने साथी बल्लेबाज से सलाह कर सकता है। जिस समय घटना हुई, उस वक्त कमेंटरी कर रहे ऑस्ट्रेलियन कमेंटेटर ने कहा कि शायद स्मिथ को नियम का अंदाजा नहीं था लेकिन भारतीय सुनील गावस्कर ने कहा कि मैं तो इसे सीधे तौर पर बेईमानी कहूंगा। मैच के बाद स्मिथ ने कहा कि मैं टीम की तरफ देखने लगा था लेकिन ये बिल्कुल गलत था और मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। भारत की जीत के साथ टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है।
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