
इस वजह से धोनी हैं सबसे सफल कप्तान
स्टार स्पोर्टस के साथ बात करते हुए गावस्कर ने कहा,'यह बहुत ही शानदार है क्योंकि उन्होंने अपने खिलाड़ियों में विश्वास दिखाया है। देखिये, आप खिलाड़ियों की काबिलियत के बारे में जानते हैं और आप क्रिकेट के खेल को भी जानते हैं, जहां पर हर दिन हर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है। हो सकता है कोई खिलाड़ी जो कि शानदार फील्डर हो वो किसी दिन कैच छोड़ दे और मिसफील्ड करे। एक बल्लेबाज के तौर पर आप फुल टॉस पर भी आउट हो सकते हैं और गेंदबाजों के लिये यह खराब ओवर हो सकता है जिस पर आपको काफी छक्के पड़े, लेकिन जब एक कप्तान के तौर पर खिलाड़ियों की काबिलियत को जानते हों और उन्हें खराब दिन के बावजूद मैदान पर आने का मौका दें तो आप धोनी बन जाते हैं। धोनी यही करते आ रहे हैं और इसी के चलते उन्हें सफलता मिली है।'

दूसरे प्लेयर्स के गेमप्लान में दखल नहीं देते धोनी
धोनी अपने पूरे करियर के दौरान मैदान पर शांत और सुलझे नजर आये जो कि आईपीएल 2021 में भी देखने को मिला, जिसके चलते फैन्स उन्हें कैप्टन कूल कह कर बुलाते हैं। गावस्कर ने उनकी स्किल्स की तारीफ करते हुए कप्तानी की तारीफ की और कहा कि उनके अंदर खिलाड़ियों में विश्वास जताने और बैक करने की काबिलियत है।
उन्होंने कहा,'वह अपनी टीम के साथ मैदान पर जो कुछ भी हुआ उसको लेकर अतिरिक्त दबाव नहीं बनाते हैं। वह बस सभी को अपने आप को रखने का मौका देते हैं। यह महेंद्र सिंह धोनी पर पूरी तरह से फिट बैठता है, वह किसी और के गेमप्लान में दखल नहीं देते हैं और सब के पास अपना खुद का गेमप्लान होता है। और एक बार कप्तान को यकीन हो जाता है कि यह ऐसे ही होने वाला है तो वह दखल नहीं देते हैं।'

धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का सौभाग्य नहीं मिला
सुनील गावस्कर ने धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि मैं इतना लकी नहीं रहा हूं कि मुझे उनके साथ एक ही ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिला हो। मैदान पर उनका शांत स्वाभाव मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित करता है।
उन्होंने कहा,'मैं इतना भाग्यशाली नहीं हो सका कि महेंद्र सिंह धोनी के साथ एक ही चेंज रूम में होने का मौका मिले, लेकिन मैं बस शांति को देखता हूं जो वो अपने साथ दबाव भरी परिस्थितियों में लेकर आते हैं। वह ऐसे ही कप्तान कूल नहीं हैं क्योंकि वह अपने साथ पैनिक नहीं होने देते हैं। इस फाइनल मैच में भी वो 19वें ओवर में पहली बार थोड़े से असहज नजर आये थे क्योंकि ठाकुर काफी वाइड फेंक रहे थे। वह परेशान भी इस वजह से हुए क्योंकि उनकी अतिरिक्त गेंदे निश्चित नतीजे को बस टाल रही थी।'


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