आखिर क्या होता है नेट रन रेट जिसके चलते WC से बाहर हुई साउथ अफ्रीका, जानें कैसे करते हैं कैलकुलेट
नई दिल्ली। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप में सुपर 12 राउंड के ग्रुप 1 का आखिरी लीग मैच इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका की टीम के बीच खेला गया, जहां पर साउथ अफ्रीका की टीम ने इस रोमांचक मैच में 10 रन से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका की टीम ने लीग स्टेज पर 5 में से 4 मैचों में जीत हासिल कर 8 अंक पर कब्जा किया और इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के साथ बराबर अंक पर ग्रुप स्टेज को खत्म किया। हालांकि इसके बावजूद साउथ अफ्रीका की टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी। बराबर अंक होने के चलते सेमीफाइनल के लिये बेहतर नेट रन रेट को प्राथमिकता दी गई जिसमें इंग्लैंड की टीम ने पहले और ऑस्ट्रेलिया की टीम ने दूसरे पायदान पर खत्म किया।
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साउथ अफ्रीका के प्रशंसक इसके बाद काफी निराश नजर आ रहे हैं, क्योंकि साउथ अफ्रीका की टीम ने इस विश्वकप में काफी शानदार प्रदर्शन किया है और सेमीफाइनल की रेस में सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। पहले मैच में 118 रनों का स्कोर खड़ा करने के बावजूद साउथ अफ्रीका की टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी ओवर तक लड़ाई लड़ी लेकिन मैच बचाने में नाकाम रही। इसके बाद कप्तान टेंबा बावुमा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ जीत हासिल की लेकिन सेमीफाइनल में पहुंच गई।

क्या होता है नेट रन रेट
ऐसे में फैन्स जो सवाल सबसे ज्यादा पूछ रहे हैं वो है कि क्या होता है नेट रन रेट और कैसे किया जाता है कैलकुलेट। आइये आपके इस सवाल का जवाब दें और बतायें कि नेट रन रेट क्या होता है और क्यों इसकी इतनी ज्यादा अहमियत होती है। मल्टीनेशन टूर्नामेंट की बात करें तो कई बार टीमें प्वाइंटस के मामले में एक बराबर पायदान पर होती हैं, ऐसे में किस टीम को आगे बढ़ने का मौका दिया जाये, इसका पता लगाने के लिये नेट रन रेट की बात की जाती है। नेट रन रेट की बात करें तो यह एक टीम की ओर से उस टूर्नामेंट में खेले गये मैच में अपनी विरोधी टीम के खिलाफ किये गये प्रदर्शन का कैलकुलेशन है, जो दर्शाता है कि टीम ने प्रति ओवर किस दर से रन बनाये हैं।
उल्लेखनीय है कि इस कैलकुलेशन के दौरान विकेटों की संख्या को अकाउंट में नहीं लिया जाता है, वहीं पर अगर टीम 20 ओवर्स से पहले ऑल आउट हो जाती है तभी कुल 20 ओवर्स गिने जाते हैं, वरना टीम ने जितने ओवर्स खेले हैं उन्ही को गिना जाता है।

जानें कैसे होता है नेट रन रेट का कैलकुलेशन
जब भी टीमें एक बराबर जीत पर होती हैं तो ही नेट रन रेट का इस्तेमाल आगे जाने वाली टीम का पता लगाने के लिये किया जाता है। नेट रन रेट निकालने का जो गणितिय फॉर्मूला है वह इस प्रकार है-
नेट रन रेट- (कुल बनाये गये रन ÷ कुल खेले गये ओवर्स की संख्या) - (विरोधी टीम की ओर से बनाये गये कुल रन ÷ आपकी ओर से फेंके गये कुल ओवर्स की संख्या)

साउथ अफ्रीका के उदाहरण से समझे
आइये इस नेट रन रेट को हम साउथ अफ्रीकी टीम के उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं। साउथ अफ्रीकी की टीम ने विश्वकप में कुछ इस प्रकार से प्रदर्शन किया है, जिसमें उनकी ओर से खेली गई पारियां ऐसी रही- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 20 ओवर्स में 118/9, वेस्टइंडीज के खिलाफ 18.4 ओवर्स में 144/2, बांग्लादेश के खिलाफ 13.3 ओवर्स में 86/4, श्रीलंका के खिलाफ 19.5 ओवर्स में 146/6 और साउथ अफ्रीका के खिलाफ 20 ओवर्स में 189/2 की पारियां खेली।
वहीं उसकी विरोधी टीम की ओर से खेली गई पारियां इस प्रकार से रहीं- ऑस्ट्रेलिया ने 19.4 ओवर्स मे 121/5, श्रीलंका ने 20 ओवर्स में 142, बांग्लादेश ने 18.2 ओवर्स में 84 रन, वेस्टइंडीज ने 20 ओवर्स में 143/8 और इंग्लैंड की टीम ने 20 ओवर्स में 179/8 का स्कोर खड़ा किया।
ऐसे में फॉर्मूले के हिसाब से साउथ अफ्रीका की ओर से फेंके गये कुल ओवर्स की संख्या= 92 ओवर्स
साउथ अफ्रीका की ओर से बनाये गये कुल रनों की संख्या= 683 रन
वहीं पर विरोधी टीम की ओर से खेले गये कुल ओवर्स की संख्या = 99.51 ओवर्स
विरोधी टीम को ओर से बनाये गये कुल रनों की संख्या = 669 रन
नेट रन रेट = (683/92)- (669/99.51) = 7.424- 6.685 = 0.739
- Male
- Female
- Others
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- 18 to 25
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- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


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