विराट कोहली ने बताया अपने करियर का सबसे पसंदीदा पल, जब दिमाग हो गया था सुन्न

Virat Kohli

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने अब तक के करियर में कई शानदार पलों का मजा लिया है, वह आये दिन नये-नये रिकॉर्ड बनाते और तोड़ते जा रहे हैं। इस बीच बुधवार को विराट कोहली की उपलब्धियों की लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया जब उन्हें आईसीसी ने अपनी टेस्ट और वनडे टीम का कप्तान चुना। इतना ही नहीं आईसीसी ने विराट कोहली को स्पिरिट ऑफ क्रिकेट के अवॉर्ड से सम्मानित किया। विराट कोहली को यह सम्मान इसलिये मिला क्योंकि उन्होंने द ओवल के मैदान पर जब दर्शक स्टीव स्मिथ पर छींटाकशी कर रहे थे तो उसका विरोध किया था। विराट कोहली ने दर्शकों से स्मिथ का सम्मान करने की बात कही थी।

IND vs AUS: भारत की शर्मनाक हार पर सोशल मीडिया को याद आये एमएस धोनी, राहुल की लगाई क्लास

इस सब के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने अब तक के करियर के सबसे शानदार पल के बारे में बताया है जो हमेशा उनके दिल के करीब रहने वाला है।

अगर सौरव गांगुली न होते तो कनाडा में बस जाते हरभजन सिंह, जानें क्या था वाक्या

क्रिकेट टीम में चुना जाने मेंरे करियर का सबसे यादगार दिन

क्रिकेट टीम में चुना जाने मेंरे करियर का सबसे यादगार दिन

वनडे और टेस्ट क्रिकेट में दुनिया के नंबर खिलाड़ी विराट कोहली एक आउडी कार के लॉन्च पर पहुंचे थे जहां पर उन्होंने 2008 में राष्ट्रीय टीम के लिए चुना जाने को अपने दिल के सबसे करीब रहने वाला पल बताया।

उन्होंने कहा, ‘मेरे लिये हमेशा वह पल जो खास रहेगा, वो है जब मैं भारतीय टीम में चुने जाने का था। मैं अपनी मां के साथ घर पर खबरें देख रहा था, मुझे कहीं से कोई खबर नहीं मिल रही थी और अचानक से मेरा नाम आया तो मुझे पता नहीं चला कि क्या करूं।'

चयन की खबर सुनकर दिमाग हो गया था सुन्न

चयन की खबर सुनकर दिमाग हो गया था सुन्न

विराट कोहली ने बताया कि जैसे ही टीवी पर उन्होंने अपने चयन की खबर सुनी वह हैरान रह गये और समझ नहीं पा रहे थे कि कैसे रिएक्ट करें।

उन्होंने कहा, ‘मैं हैरान हो गया, मुझे पता नहीं चल रहा था कि बैठ जाऊं, खड़ा हो जाऊं, दौड़ने लंगू या फिर कूदने लगूं। मुझे लगता है कि यही ऐसा क्षण रहेगा जो मेरा पसंदीदा पल होगा।'

भारत के लिये खेलना अपने आप में एक उपलब्धि

भारत के लिये खेलना अपने आप में एक उपलब्धि

विराट कोहली ने साल 2008 में ही भारत की अंडर-19 विश्व कप टीम को विश्व कप दिलाया था, और इसी साल उन्होंने सीनियर टीम में जगह बनायी थी।

उन्होंने कहा, ‘जब आप राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हो तो टूर्नामेंट या सीरीज उपलब्धियां बन जाती हैं। लेकिन आपने जो कड़ी मेहनत की होती है, उसे देखते हुए आठ साल की उम्र से खेलना शुरू करते हुए अपने देश का प्रतिनिधित्व करना, ऐसा अहसास है जिसे आप दोबारा महसूस नहीं कर सकते।'

विराट कोहली ने बताया किस बात से मिलती है प्रेरणा

विराट कोहली ने बताया किस बात से मिलती है प्रेरणा

कोहली ने कहा, ‘राष्ट्रीय टीम के लिए शुरुआत करने वाला पल मेरे लिए अहम होगा क्योंकि इससे आपको इससे प्रेरणा मिलती है और इससे मेरे पैर जमीन पर रहते हैं और मुझे यह याद रहता है कि मैं कहां से आया हूं।'

इस शानदार बल्लेबाज ने वनडे में 11,000 से ज्यादा रन जुटाए हैं और टेस्ट में भी 7,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनका खेल के सभी तीनों प्रारूप में औसत 50 से ज्यादा का है। उनके टेस्ट और वनडे प्रारूप में मिलाकर 70 शतक हैं।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

Story first published: Thursday, January 16, 2020, 11:22 [IST]
Other articles published on Jan 16, 2020

Latest Videos

    + More
    POLLS
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more