नई दिल्ली। पूर्व भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह ने एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली राष्ट्रीय चयन समिति पर निशाना साधते हुए कहा कि निश्चित तौर पर एक बेहतर चयन समिति की जरूरत है। युवराज सिंह ने चयन समिति पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के कई क्रिकेटर टीम में अपनी जगह खो देने के डर से थके होने के बावजूद ब्रेक नहीं लेते हैं। युवराज ने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल का उदाहरण दिया जिन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मसले के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से विश्राम लिया और बोर्ड ने उनका समर्थन किया।
युवराज ने कहा, 'निश्चित तौर पर हमें बेहतर चयनकर्ताओं की जरूरत है चयनकर्ताओं का काम आसान नहीं होता है। जब भी वे 15 खिलाड़ियों का चयन करेंगे तब ऐसी बातें होंगी कि उन 15 खिलाड़ियों का क्या होगा जिन्हें टीम में मौका नहीं मिला। यह मुश्किल काम है लेकिन मुझे लगता है कि आधुनिक क्रिकेट को लेकर उनकी सोच उस स्तर तक नहीं है जैसी कि होनी चाहिए थी।'
युवराज ने कहा, 'हम इसके हकदार हैं क्योंकि कई बार हमें क्रिकेट खेलने के लिए कहा जाता है जबकि हम ऐसा नहीं चाहते। हमें इस दबाव में खेलना होता है कि अगर हम नहीं खेलते हैं तो हमें बाहर कर दिया जाएगा।'
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उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों पर से यह दबाव खत्म होना चाहिए कि अगर वे थके हुए हैं या चोटिल हैं उन्हें तब भी खेलना होगा। हमारे खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें अपनी जगह गंवाने का डर रहता है। इसलिए खिलाड़ियों का संघ बेहद महत्वपूर्ण है।'
इस दौरान जब धोनी को लेकर युवराज से सवाल पूछा गया तो उन्होंने ताना मारते कहा कि यह सवाल आपको मुझसे नही बल्कि अपने महान चयनकर्ताओं से पूछना चाहिये। जब आप उनसे मिलें तो पूछियेगा, यह उनका फैसला होगा मेरा नहीं।
युवराज ने सौरभ गांगुली के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद उम्मीद जताई है कि इसमें बदलाव आएगा।0
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2011 विश्व कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज ने साथ ही विश्व कप में विजय शंकर को चुने जाने के बाद अब दोबारा उन्हें नहीं चुने जाने को लेकर पांच सदस्यीय चयन समिति की भी आलोचना की।
भारत के लिए 304 वनडे मैच खेलने वाले युवराज ने कहा, 'बीच में आपका विजय शंकर भी था और अब वो गायब है। आप उसे खिलाते हैं और फिर उसे हटा देते हैं। आप ऐसे कैसे खिलाड़ी बनाएंगे? आप खिलाड़ी को 3-4 पारियां देकर नहीं बना सकते। आपको किसी को लंबे समय तक मौका देना होता है।'
युवराज ने साथ ही कहा, 'आपके असली चरित्र का तभी पता चलता है जब खिलाड़ी का समय साथ नहीं देता है और आप खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं। बुरे समय में, हर कोई बुरी बात करता है। निश्चित रूप से हमें बेहतर चयनकर्ताओं की जरूरत है।'
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37 वर्षीय युवराज ने इस साल जून में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और अब वह अबू धाबी टी 10 लीग में खेलते नजर आएंगे। युवराज सिंह ने खिलाड़ियों के संघ का भी समर्थन किया।