अब राहुल द्रविड़-वीवीएस लक्ष्मण बनने पर इज्जत नहीं मिलती, वसीम जाफर का बड़ा बयान
नई दिल्ली। भारतीय घरेलू क्रिकेट के सचिन तेंदुलकर माने जाने वाले वसीम जाफर ने हाल ही में अपने शानदार करियर को अलविदा कहा। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वसीम जाफर ने पहली बार खेल को लेकर कुछ कहा है और चौंका देने वाले बयान के साथ कहा कि आज के समय में क्रिकेट खिलाड़ियों को तभा पहचान और सम्मान मिलता है जब खेल के तीनों प्रारूप में सफल बल्लेबाजी करें।
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वसीम जाफर ने हाल ही में घरेलू क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्हें घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी का सचिन तेंदुलकर माना जाता है। वसीम जाफर ने अपने करियर के दौरान रणजी ट्रॉफी में 57 शतक और 91 अर्धशतक की मदद से 19,500 रन बनाए हैं। वसीम जाफर ने भारत के लिए 31 टेस्ट और दो वनडे मैचों में प्रतिनिधित्व भी किया है।
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तीनों प्रारूप में करो अच्छा तभी मिलेगा सम्मान
वसीम जाफर का मानना है कि अगर आपको क्रिकेट में पहचान या सम्मान की तलाश है तो वर्तमान समय में तीनों प्रारूप में अच्छा करना होगा।
क्रिकेट डॉटकॉम से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘आपको तभी पहचान और सम्मान मिलेगा जब आप तीनों प्रारूपों में कामयाब हैं। मैं यह नहीं कहता कि चेतेश्वर पुजारा का सम्मान नहीं है लेकिन वह सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेलता है, कोई दूसरा प्रारूप नहीं।'

अब राहुल द्रविड़-वीवीएस लक्ष्मण बनने में सम्माान नहीं
भारत के लिये अतंर्राष्ट्रीय मैचों में शिरकत कर चुके वसीम जाफर का मानना है कि पहले की तुलना में क्रिकेट काफी बदल गया है, लेकिन अब राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण बनने में सम्मान नहीं है।
उन्होंने कहा, 'मेरी समझ से समय बदल गया है। मेरे समय में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे कई खिलाड़ी थे लेकिन अब मुझे लगता है कि उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। अगर आपको सही मायने में फैन्स और क्रिकेट जगत का सम्मान हासिल करना है तो आपको हर फारमेट में रन बनाना होगा।'

रणजी में अच्छा करने वाले को भी मिलना चाहिये इनाम
इंडियन प्रीमियर लीग में थोड़े समय के लिये रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेलने वाले वसीम जाफर अब कोच की भूमिका में क्रिकेट के मैदान पर लौट रहे हैं। वह आईपीएल में किंग्स इलेवन टीम के बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का अपना महत्व है लेकिन रणजी ट्रॉफी में अच्छा खेलने वाले खिलाड़ियों को भी इसका इनाम मिलना चाहिये।
उन्होंने कहा, 'एक सीजन में 1000 रन या फिर 40-50 विकेट पाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ता है। इसके लिए काफी उच्च स्तर का समर्पण चाहिए होता है। अगर कोई खिलाड़ी साल दर साल चमकदार प्रदर्शन कर रहा है तो उसे निश्चित तौर पर इसका ईनाम मिलना चाहिए।'

जब किस्मत में कुछ और लिखा तो क्या कर सकते हैं
अपने करियर के दौरान मिलने वाले मौकों के बारे में बात करते हुए वसीम जाफर ने कहा कि मुझे कई मौके मिले लेकिन मैं कभी वापसी नहीं कर पाया।
उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि मेरे करियर में मुझे कई मौके मिले। मैं कई बार उन मौकों के बेहद करीब भी आया लेकिन बदकिस्मती से वो कभी पूरा नहीं हो सका। यह सिर्फ मेरे साथ नहीं बल्कि ज्यादातर खिलाड़ियों के साथ हुआ है। उन्हें लगता है कि वो इस मौके के हकदार हैं लेकिन हर किसी को यह मौका नहीं दिया जा सकता। पर सच कहूं मुझे लगता है कि यह सब किस्मत का खेल है। अगर अल्लाह ने आपके लिये कुछ लिखा है तो वो होकर रहेगा, और जो नहीं लिखा तो उसके लिये आप चाहे कुछ भी कर लो नहीं हो पायेगा।'
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