
कॉमेंट्री करना सौभाग्य अधिकार नहीं
संजय मांजरेकर ने ट्विटर पर अपने ट्वीट कर अपनी बात रखी और लिखा कि कॉमेंट्री करना मेरा सौभाग्य रहा है अधिकार नहीं।
उन्होंने लिखा, 'मैंने कॉमेंट्री को हमेशा ही सौभाग्य माना है, लेकिन इसे कभी अधिकार नहीं माना। यह मेरे नियोक्ताओं पर कि वह मुझे चुनें (कॉमेंट्री के लिए) या नहीं और मैं हमेशा ही इसका सम्मान करता हूं। शायद बीसीसीआई मेरे प्रदर्शन से खुश नहीं होगा। एक प्रफेशनल के रूप मैं इसे स्वीकार करता हूं।'

पैनल में लौट सकते हैं संजय मांजरेकर
वहीं बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से भी जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर कोई भी कमेंट करने से इंकार कर दिया। हालांकि बीसीसीआई के बाद संजय मांजरेकर अब आईपीएल के 13वें सीजन में भी उन्हें कॉमेंट्री पैनल से भी बाहर हो सकते हैं।
बीसीसीआई के एक अधिकारी के हवाले से लिखा गया, 'हां, इस सीरीज के लिए वह पैनल का हिस्सा नहीं थे। लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि वह आईपीएल या अगली सीरीज में भी कॉमेंट्री का हिस्सा नहीं होंगे।'

विवादित बयानों के चलते बीसीसीआई ने दिखाया बाहर का रास्ता
भारत के लिए 37 टेस्ट और 74 वनडे मैच खेलने वाले इस पूर्व बल्लेबाज को धर्मशाला वनडे मैच के समय कॉमेंट्री टीम में नहीं थे, जबकि सुनील गावस्कर, लक्ष्मण शिवरामकृष्णन और मुरली कार्तिक सहित बीसीसीआई के कॉमेंट्री पैनल के अन्य सभी सदस्य वहां मौजूद थे।
वहीं बीसीसीआई ने भी ऐसे संकेत दिये हैं कि वह संजय मांजरेकर के हाल में हुए कई विवादित बयानों के चलते उनसे खुश नहीं थे इस वजह से उन्हें पैनल से बाहर किया गया।
बता दें धर्मशाला वनडे मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। इसके बाद तीन वनडे मैचों की सीरीज के बाकी दो मैच कोरोना वायरस के चलते रद्द कर दिए गए।


Click it and Unblock the Notifications
