भारतीय खिलाड़ियों की चोट से परेशान हुआ NCA, वापसी के लिये बदल कर सख्त किये नियम
नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में खिलाड़ियों के चोटिल होने का सिलसिला जारी है, जिसको लेकर नेशनल क्रिकेट एकाडमी ने अपनी नाराजगी जताई है। इंग्लैंड दौरे पर खेलने पहुंची भारतीय टीम के लिये अब तक 5 खिलाड़ी चोटिल हो चुके हैं, जिसमें से 3 खिलाड़ियों को दौरे से बाहर होना पड़ा है। भारतीय टीम के लिये शुबमन गिल, वाशिंगटन सुंदर और आवेश खान चोट के चलते बाहर हो चुके हैं तो वहीं पर मयंक अग्रवाल को नॉटिंघम टेस्ट से पहले चोट लगी तो शार्दुल ठाकुर की हैमस्ट्रिंग में पहले मैच के बाद खिंचाव आ गया है, जिसके चलते वह लॉर्डस टेस्ट मैच का हिस्सा नहीं बन सके हैं।
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इससे पहले जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची थी तो वहां पर भी करीब 11 खिलाड़ियों को चोट का सामना करना पड़ा था। ऐसे में नेशनल क्रिकेट एकाडमी ने अपने रिहैब प्रक्रिया में बदलाव करते हुए खिलाड़ियों की टीम में वापसी के नियम को बदलने का फैसला किया है। एनसीए के हेड कोच राहुल द्रविड़, बीसीसीआई सचिव जय शाह, भारतीय कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के बीच हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है।
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इस वजह से बीसीसीआई ने फिटनेस पर एनसीए को दी पूरी ताकत
नये नियमों के अनुसार किसी भी खिलाड़ी को खेलने के लिये फिट करार देने से पहले अब एनसीए के फिजियो और डॉक्टर्स का प्लेयर्स की फिटनेस पर बेहद करीब से नजर रखना जरूरी होगा। उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट टीम के एक दिग्गज खिलाड़ी ने फिटनेस में वापसी करने के लिये एनसीए के रिहैब का रास्ता नहीं अपनाकर आईपीएल की अपनी फ्रैंचाइजी के फिजियो के साथ समय बिताया जिससे नाराज होकर बीसीसीआई ने यह फैसला किया है।
रिपोर्ट के अनुसार इस खिलाड़ी ने अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बेंगलुरू के लिये उड़ान भरी जहां पर उन्हें सिर्फ फिटनेस टेस्ट पास करना था। हालांकि अब बीसीसीआई ने फैसला किया है कि खिलाड़ी के फिट और अनफिट होने का फैसला पूरी तरह से एनसीए के हाथ में ही होगा और ऐसा नहीं करने पर खिलाड़ी की भारतीय टीम में वापसी कर पाना मुश्किल होगा।

अब एनसीए में रहकर फिटनेस पर काम करना होगा जरूरी
बीसीसीआई ने आईपीएल में करार हासिल किये हुए खिलाड़ियों को भी एनसीए के इस फैसले के बारे में जानकारी दे दी है और साफ किया है कि खिलाड़ी को फिटनेस टेस्ट पास करने के लिये रिकवरी के दौरान बेंगलुरू में एनसीए के साथ रहना जरूरी होगा। जहां पर एनसीए के फिजियो खिलाड़ी की फिटनेस पर रेगुलर नजर रखेंगे और उसी के आधार पर उन्हें फिटनेस टेस्ट में पास या फेल का मौका दिया जायेगा।
इंडियन एक्सप्रेस के साथ बात करते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा,'खिलाड़ियों को सूचित कर दिया गया है कि जब भी उन्हें चोट लगे, उन्हें तुरंत ही एनसीए को बताना जरूरी होगा। जैसे ही उनकी चोट ठीक होती है वो एनसीए के रिहैब प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। यह बीसीसीआई के लिये भविष्य में डाटाबेस तैयार करने में भी मदद करेगा।'

अय्यर ने किया फिटनेस टेस्ट पास, गिल की चोट पर नजर
गौरतलब है कि भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और शुबमन गिल इस समय एनसीए में रिहैब प्रक्रिया का हिस्सा बने हुए हैं। गिल शिन इंजरी से उबर रहे हैं तो वहीं पर श्रेयस अय्यर को कंधे की चोट के चलते आईपीएल के 14वें सीजन के पहले हाफ से बाहर रहना पड़ा था।
आपको बता दें कि श्रेयस अय्यर को फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद टीम में वापसी करने की हरी झंडी मिल चुकी है और वो आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिये खेलते नजर आयेंगे तो वहीं पर शुबमन गिल धीरे-धीरे वापसी कर रहे हैं। शुबमन गिल की फिटनेस पर दैनिक रूप से नजर रखी जायेगी और कोशिश होगी कि वो आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिये पूरी तरह से फिट होकर वापसी कर सकें।
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