वॉर्नर के विवादित शॉट की तारीफ करने पर भड़के पाकिस्तान के पूर्व कप्तान, जस्टिन लैंगर को लताड़ा
नई दिल्ली। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप का दूसरा सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेला गया, जहां पर फैन्स को 2010 के टी20 विश्वकप सेमीफाइनल का रिपीट टेलिकास्ट देखने को मिला। हार की कगार पर खड़ी ऑस्ट्रेलिया की टीम ने मार्कस स्टॉयनिस और मैथ्यू वेड की पारियों के दम पर 5 विकेट से मैच को जीत लिया और दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के लिये डेविड वॉर्नर ने भी 49 रनों की पारी खेली और जीत में अहम रोल निभाया। डेविड वॉर्नर की यह पारी कई बातों के लिये मैच के बाद चर्चा में रही जिसमें से एक वजह उनके आउट होने के तरीके पर रही तो वहीं पर मोहम्मद हाफिज के 8वें ओवर में हाथ से छूटी गेंद पर शॉट खेलना रहा।
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उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के हरफनमौला खिलाड़ी मोहम्मद हाफिज के 8वें ओवर में बॉल फेंकते हुए गेंद छूट गई और 2 टप्पे में वॉर्नर की तरफ पहुंची। वॉर्नर ने इस गेंद को छोड़ने के बजाय आगे बढ़कर मार दिया और 6 रन बटोर लिये। दो टप्पों में पहुंचने की वजह से यह गेंद नो बॉल दी गई और वॉर्नर को फ्री हिट खेलने का मौका मिला। मैच के बाद जहां दुनिया भर के दिग्गजों ने इस शॉट को खेल भावना के विपरीत बताया तो वहीं कंगारू टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने करियर में ऐसा शॉट नहीं देखा है।
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ऐसी चीजों को बढ़ावा देना पूरी तरह से गलत
कोच लैंगर की तरफ से वॉर्नर के इस विवादित शॉट की तारीफ पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाजी कोच और कप्तान वकार यूनिस को पसंद नहीं आयी है और उन्होंने लैंगर के बयान की आलोचना करते हुए सवाल किया है कि वो आने वाले खिलाड़ियों को क्या सिखाना चाह रहे हैं। वकार का मानना है कि नियमों के हिसाब से वॉर्नर ने जो किया वो ठीक है और यह पूरी तरह से उनकी मर्जी है कि वो क्या करना चाहते हैं, हालांकि ऐसी चीजों का प्रमोशन करना आने वाले युवाओं के बीच सिर्फ खराब चीजों को बढ़ावा देने जैसा होगा।
ए स्पोर्टस से बात करते हुए वकार ने कहा,'ठीक है, वह पूरी तरह से नियमों के अंतर्गत खेला गया शॉट था। उनके पास गेंद को मारने का अधिकार था और उन्होंने वो किया भी लेकिन ऐसी चीजों को बढ़ावा देना गलत है। जस्टिन लैंगर ने जिस तरह से उस शॉट की तारीफ करते हुए दिमाग का शानदार इस्तेमाल बताया वह पूरी तरह से वाहियात है। यह सही नहीं है, आप आने वाले युवा खिलाड़ियों को क्या सिखा रहे हैं। अगर यह आपकी मानसिकता है तो ठीक है। आप जिस तरह से खेलते हैं वह ठीक है लेकिन युवाओं को तो ऐसा मत सिखाइये।'

अपने करियर के दौरान भी ऐसा ही करते थे लैंगर
वकार यूनिस ने इस दौरान 1999 की पुरानी घटना को याद करते हुए कहा कि इसमें कोई हैरानी कि बात नहीं है कि लैंगर को यह पसंद आयेगा और वो इसकी तारीफ करेंगे। 1999 में होबार्ट में खेले गये एक मैच में लैंगर ने बल्ले का किनारा लगने के बाद भी क्रीज नहीं छोड़ी थी और बाद में मेरे सामने खुद इस बात को स्वीकार किया।
उन्होंने कहा,'जस्टिन लैंगर का ऐसा करने का इतिहास रहा है। 1990 के दशक में होबार्ट के मैदान पर एक बड़ा मशहूर टेस्ट मैच खेला गया था, हम उस टेस्ट मैच को जीतने की कगार पर थे, लेकिन जब गेंद लैंगर के बल्ले का किनारा लेकर निकली तो वो क्रीज छोड़कर नहीं गये और यह मेरे करियर में सुनायी दिया गया अब तक का सबसे बड़ा किनारा था। 2-3 बाद उन्होंने इस बात को तब स्वीकार किया जब एक फंक्शन के दौरान हमारी बात हुई और उन्होंने कहा हां मेरे बल्ले का किनारा लगा था। मैंने कहा कि मुझे ये बकवास मत दो लेकिन वह उनकी मर्जी थी जो ऐसा किया, पर आप यहां पर क्या प्रमोट करना चाह रहे हैं।'

गंभीर ने भी खेल भावना को लेकर साधा निशाना
गौरतलब है कि डेविड वॉर्नर के इस शॉट को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी जमकर आलोचना की और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अब कोई क्यों खेल भावना का राग नहीं अलाप रहा है। वॉर्नर ने जो किया वो पूरी तरह से खेल भावना के खिलाफ था और उन्होंने वो 6 रन चोरी किये हैं। अगर आप अश्विन के मामले पर ज्ञान देते हैं और खेल भावना का राग अलापते हैं तो आपको यहां भी स्टैंड लेना चाहिये, वरना आपको इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है।
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