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जल्द ही दूर होगी क्रिकेट में बायोबबल की झंझट, प्रीमियर लीग मॉडल के तहत होंगे टूर्नामेंट

नई दिल्ली। पिछले दो सालों में पूरी दुनिया में हाहाकार मचाने वाली महामारी कोरोना वायरस के आने के बाद से बायोबबल खेल का अहम हिस्सा बन गये हैं और ज्यादातर टूर्नामेंट के आयोजन के लिये इसका निर्माण करना जरूरी हो गया है। क्रिकेटर के जीवन में भी इसका काफी प्रभाव देखने को मिला है और कोरोना महामारी के बीच खेल में वापसी करने के लिये उसका बायोबबल में रहना जरूरी हो गया है। भले ही बायोबबल के चलते खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल में रहकर खेलने का मौका मिल गया हो लेकिन इससे काफी दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं और मेंटल हेल्थ प्रभाव का असर उनके प्रदर्शन पर भी पड़ रहा है।

हालांकि ताजा रिपोर्ट की मानें तो आईसीसी जल्द ही क्रिकेट से बायोबबल की झंझट को दूर करने की तैयारी कर रही है और टूर्नामेंट के आयोजन के लिये प्रीमियर लीग आधारित मॉडल को लागू करने पर विचार कर रही है। 12 नवंबर को आईसीसी के चीफ एक्जिकटिव समिति की बैठक में सदस्यों ने इस बात पर सहमति जतायी है कि बायोबबल आधारित मॉडल लंबे समय तक के लिये ठीक नहीं है।

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रिपोर्ट में आईसीसी से जुड़े सूत्र ने बताया है कि प्रीमियर लीग मॉडल में सिर्फ कोरोना संक्रमित व्यक्ति को ही क्वारंटीन किया जाता है और उसके संपर्क में आने वाले लोगों को आइसोलेट नहीं किया जाता है। हालांकि इस दौरान खेल से जुड़े सभी लोगों का नियमित रूप से कोरोना टेस्ट होता रहता है।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए आईसीसी के सूत्र ने कहा,'प्रीमियर लीग में वो उन खिलाड़ियों को भी आइसोलेशन में नहीं भेजते हैं जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में होते हैं, सिर्फ संक्रमित व्यक्ति को ही क्वारंटीन किया जाता है।'

गौरतलब है कि खिलाड़ियों के लंबे समय तक बायोबबल में रहने का नतीजा अच्छा नहीं रहा है और इसका असर अब उनके प्रदर्शन पर भी दिखने लगा है। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप में भारतीय टीम इसी का शिकार हो गई और 6 महीने तक लगातार बायोबबल में खेलने की वजह से जब वो इस टूर्नामेंट में पहुंची तो अपने पहले दो मैचों में जीत हासिल कर पाने में नाकाम रही। नतीजन टीम सुपर 12 स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी।

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वहीं भारतीय टीम के हेड कोच रवि शास्त्री ने भी नामिबिया के खिलाफ अपने आखिरी मैच के दौरान बायोबबल से जुड़ी समस्याओं पर बात की और कहा कि पहले दो मैचों में खराब प्रदर्शन के पीछे बायोबबल का बड़ा हाथ रहा।

उन्होंने कहा,'जब आप 6 महीने तक बबल में रहते हैं और कई सारे खिलाड़ी जो खेल के सभी प्रारूप का हिस्सा हैं उनके लिये यह आसान नहीं रहता है। पिछले 24 महीनों में वो सिर्फ 25 दिन ही घर पर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि आप कौन हैं लेकिन अगर आपका ब्रैडमैन है और आप इतने समय तक बबल में रहते हैं तो आपकी औसत नीचे आना तय है।'

Story first published: Sunday, November 14, 2021, 17:59 [IST]
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