Tokyo 2020: पदक से बस एक कदम दूर हैं अदिति अशोक, ओलंपिक में बिना शोर किया फाइनल का सफर तय
नई दिल्ली। जापान में खेले जा रहे ओलंपिक्स में भारतीय दल ने अब तक 2 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किये हैं। इसमें से ज्यादातर पदक भारतीय टीम ने उन खेलों में हासिल किये हैं जिनको लेकर फैन्स के बीच जागरुकता रही है लेकिन इस बीच ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा बनकर पहुंची एक खिलाड़ी ने बिना कोई शोर मचाये इतिहास रचने की ओर कदम बढ़ाते हुए फाइनल में जगह बना ली है। भारतीय गोल्फर अदिति अशोक ने ओलंपिक में जारी महिला गोल्फ के इंडिविजुअल टूर्नामेंट के पहले 3 राउंड खत्म होने के बाद अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है और शनिवार को इस खेल का फाइनल मैच खेला जायेगा।
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हालांकि शनिवार को बारिश और तूफान आने की संभावना है ऐसे में खेल को या तो सिर्फ 53 होल्स का किया जा सकता है या फिर खराब मौसम की वजह से इसका आयोजन नहीं हो पाता है तो मौजूदा रैंकिंग के हिसाब से पदक वितरण कर दिया जायेगा। अगर ऐसा होता है तो अदिति अशोक ओलंपिक के इतिहास में भारत के लिये पहला पदक हासिल करने वाली खिलाड़ी बन जायेंगी।
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कोरोना के चलते मेरी ताकत में हुआ नुकसान
बेंगलुरू की रहने वाली अदिति अशोक ने बिना कोई शोर मचाये पहले राउंड से लेकर तीसरे राउंड तक दूसरे स्थान को पकड़कर रखा है और अब शनिवार को होने वाले आखिरी राउंड के साथ ही पदक से महज एक कदम दूर हैं। अदिति तीसरे राउंड के खेल के बाद टॉप पर काबिज अमेरिका की नेली कोर्डा से महज 3 शॉट ही पीछे हैं। अदिति ने 2 बॉगी शॉट्स के खिलाफ 5 बर्डी लगाये और 12 शॉट के सााथ दूसरे पायदान पर कब्जा कर लिया। वह अन्य खिलाड़ियों से 2 शॉट आगे हैं। इस दौरान अदिति ने खुलासा किया कि मई जून में वह कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हो गई थी जिसके चलते उनके शरीर को ताकत का काफी नुकसान हुआ है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा,'मेरे पिछड़ने के कई कारण रहे, पहला तो मेरे वीजा और पासपोर्ट को लेकर समस्या आ गई थी जिसके चलते राजदूत में फंसा रहना पड़ा और इसी वजह से मैं लेक मर्सेड (LPGA मेडिहिल चैम्पियनशिप) का हिस्सा नहीं बन सकी। मैं जल्द से जल्द फॉर्म में आना चाहती थी लेकिन कोरोना वायरस के टेस्ट में पॉजिटिव पाये जाने के चलते कुछ और हफ्ते रुकना पड़ा, आखिरकार जब रिपोर्ट नेगेटिव आयी तो चीजें सुधरनी शुरू हुई।'

ओलंपिक में नहीं कर सकी हूं अपना बेस्ट प्रदर्शन
अदिति ने लॉन्ग शॉट के दौरान होल के ज्यादा करीब न पहुंच पाने को लेकर कहा कि मुझे लगता है कि कोरोना वायरस के संक्रमण ने मेरे शरीर को प्रभावित किया है और मेरी ताकत को कमजोर किया है।
उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि कोरोना के चलते मेरी ताकत पर प्रभाव पड़ा है, मैं हमेशा लॉन्ग शॉट मारने के बाद थोड़ा दूर रह जाती थी लेकिन नेली से इतना पीछे (50 यार्ड) कभी नहीं हुआ, मैं ज्यादा से ज्यादा 15 यार्ड पीछे रहती थी ड्राइवर की मदद से, मैंने यहां पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया है खासतौर से लॉन्ग होल्स और लंबे शॉटस को लेकर। मैं लगातार उस लय में नहीं रह सकी, आज मेरी पुटिंग उस तरह की नहीं रही जैसा की पहले दो दिन थी, हालांकि 12वें और 18वें होल के पार पुट ने वापसी करने में मदद की।'

सिल्वर लेने वाली पहली भारतीय गोल्फर बन सकती हैं अदिति
गौरतलब है कि भले ही अदिति अपने प्रदर्शन से खुश नहीं हों लेकिन कसुमिगासेकी कंट्री क्लब में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में उनका अब तक का प्रदर्शन उन्हें पदक दिला सकता है। ओलंपिक में गोल्फ ने 2016 में वापसी की है और अब तक कोई भारतीय खिलाड़ी इसमें पदक हासिल नहीं कर सका है लेकिन अदिति न सिर्फ मेडल बल्कि सिल्वर मेडल जीतते हुए नजर आ रही हैं।
पदक को लेकर अदिति ने कहा कि जाहिर तौर पर उन पर देश के लिये पदक जीतने का दबाव है लेकिन वो इस बारे में ज्यादा नहीं सोचती हैं। उन्होंने कहा,' मुझे नही लगता कि मैं इस हफ्ते कैसा प्रदर्शन करने वाली हूं यह मायने रखता है लेकिन मेरे टॉप 3 में होने की वजह से लोग इस खेल के बारे में अधिक जानने की कोशिश कर रहे हैं यह सकारात्मक है। अगर उन्हें पसंद आयेगा तो वो आगे भी जारी रखेंगे। लोग बाकी खेलों को छोड़कर गोल्फ देख रहे हैं यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अगर भारत में और ज्यादा गोल्फ को कवरेज मिलेगी तो लोगों में ज्यादा जागरुकता बढ़ेगी।'
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