'काश मेरे पिता यह देखने के लिये होते', श्रीलंका दौरे पर चुने जाने को लेकर भावुक हुए चेतन साकरिया
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच जुलाई में होने वाली सीमित ओवर्स प्राारूप सीरीज के लिये बीसीसीआई ने गुरुवार को 20 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। श्रीलंका के खिलाफ इस दौरे पर बीसीसीआई ने 6 नये खिलाड़ियों को पहली बार मौका देने का काम किया है। यहां पर पहली बार ऋतुराज गायकवाड़, देवदत्त पाड्डिकल, नितिश राणा, कृष्णप्पा गौथम, वरुण चक्रवर्ती और चेतन साकरिया को पहली बार मौका दिया गया है। भारतीय टीम के चयनकर्ताओं ने यह चयन इस साल होने वाले टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए किया है जो कि इस साल अक्टूबर-नवंबर के महीने में आयोजित होना है। श्रीलंका दौरे के लिये सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को कप्तान और भुवनेश्वर कुमार को उपकप्तान बनाया गया है।
इसके साथ ही पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को भारतीय टीम के साथ कोच के रूप में भेजा जा रहा है। श्रीलंका दौरे पर चुने गये खिलाड़ियों में चेतन साकरिया ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी कहानी सबसे ज्यादा प्रेरणादायी रही है। चेतन साकरिया ने इस साल पहले अपने छोटे भाई को खो दिया था जिसके बाद उन्हें आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की टीम ने 1.2 करोड़ रुपये में खरीदा, वहीं मई में कोरोना वायरस के चलते उनके पिता की मौत हो गई जिसके बाद अब उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला है।

काश पिता के सामने होता यह सेलेक्शन
वहीं भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से सेलेक्शन होने की खबर को लेकर चेतन साकरिया भावुक हो गये और इसे अपने पिता को समर्पित किया। उल्लेखनीय है कि जब साकरिया आईपीएल में खेल रहे थे तभी उनके पिता कोरोना का शिकार हो गये थे और जैसे ही टूर्नामेंट स्थगित किया गया साकरिया घर पहुंचे। हालांकि साकरिया के पिता कांजीभाई अस्पताल में भर्ती होने के महज एक हफ्ते बाद ही जिंदगी की लड़ाई हार गये।
भारतीय टीम में अपने चयन को लेकर साकरिया ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा,' काश यह देखने के लिये मेरे पिता यहां पर होते। वह मुझे भारत के लिये खेलते हुए देखना चाहते थे। मैं उन्हें आज काफी ज्यादा याद कर रहा हूं। भगवान ने इस साल काफी उतार चढ़ाव दिखाये हैं और यह सफर अब तक मेरे लिये काफी भावुक कर देने वाला रहा है। अपने छोटे भाई की मौत के एक महीने के बाद मुझे आईपीएल का करार मिला, वहीं मेरे पिता की मौत के लगभग एक महीने बाद भगवान की कृपा से मुझे भारतीय टीम में जगह मिल गई।'

माता-पिता को समर्पित किया सेलेक्शन
साकरिया ने अपने पिता के साथ बिताये आखिरी पलों के बारे में भी बात की और बताया कि उनकी मौत से जीवन में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा,'जब मेरे पिता अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे थे तो उस वक्त मैं उनके साथ एक हफ्ते तक वहीं पर था। उनके जाने से जीवन में जो जगह खाली हुई है उसकी भरपाई कर पाना नामुमकिन है। मैं भारतीय टीम में मिली जगह को अपने पिता और माता को समर्पित करता हूं, जिन्होंने मुझे क्रिकेट खेलते रहने के लिये हमेशा प्रोत्साहित किया।'

उनादकट के ऊपर मिली तरजीह
गौरतलब है कि साकरिया कभी भी इंडिया ए की टीम के लिये नहीं खेले हैं लेकिन आईपीएल में उनकी ओर से किये गये प्रदर्शन से प्रभावित होककर चेतन शर्मा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने श्रीलंका दौरे के लिये टीम का हिस्सा बनाया। वहीं पर गायकवाड़ और पाड्डिकल ने घरेलू स्तर पर प्रथम श्रेणी और इंडिया ए के लिये काफी समय तक खेलने के बाद टीम में जगह बनाने का काम किया।
इतना ही नहीं साकरिया को आईपीएल में उनके साथी गेंदबाज जयदेव उनादकट से पहले मौका दिया गया है जिनके पास अनुभव भी है और पिछले कुछ समय में उन्होंने अपनी गेंदबाजी में काफी धार भी हासिल कर ली है। आपको बता दें कि साकरिया ने इस साल खेले गये आईपीएल मैचों में 8.22 की इकॉनमी से रन देने का काम किया और 7 विकेट भी हासिल किये।

संजू भाई ने जताया भरोसा
साकरिया ने इसको लेकर कहा,'आईपीएल के दौरान मुझे लेकर जिस तरह से बात की जा रही थी तो मुझे लगा कि अब शायद मुझे भारतीय टीम का नेट बॉलर बनने का मौका मिल जायेगा, लेकिन श्रीलंका दौरे पर सीधे भारतीय टीम के लिये चुना जाना, ऐसा मैंने कभी भी नहीं सोचा था। अब जब यह हो गया है तो अपना बेस्ट दूंगा। संजू भाई ने मुझमें मुझसे ज्यादा विश्वास दिखाया। यहां तक आईपीएल के दौरान जब मैं गेंदबाजी कर रहा था तो उन्होंने मुझसे कहा था कि जैसे तुम गेंदबाजी कर रहे हो भारतीय टीम से बुलावा बहुत दूर नहीं है।'
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