IPL 2020 को लगा एक और बड़ा झटका, अब इस कंपनी ने स्पॉन्सरशिप से खींचे अपने हाथ
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2020 को लेकर मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले कोरोना वायरस के चलते इस टूर्नामेंट को 29 मार्च के बजाय अनिश्चितकाल तक के लिये स्थगित कर दिया गया। बाद में जब इस टूर्नामेंट को यूएई में आयोजित कराने का फैसला किया गया तो भारत-चीन के बीच चल रहे विवाद के चलते चीनी स्मार्टफोन कंपनी वीवो ने खुद को आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सरशिप से इस साल के लिये अलग कर दिया। बीसीसीआई ने दोबारा ऑक्शन कराया तो जिस करार के लिये वीवो की ओर से उसे सालाना 440 करोड़ रुपये मिलते थे उसके लिये ड्रीम 11 ने उसे 222 करोड़ रुपये अदा कर टाइटल स्पॉन्सरशिप हासिल की।
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अभी टाइटल स्पॉन्सरशिप (IPL Title Sponsor) की मुश्किलों से निकले कुछ ही समय बीता था कि बीसीसीआई के सामने अब एक और दिक्कत आ गई। आईपीएल के एसोशिएट सेंट्रल स्पॉनसरशिप (IPL Associate Sponsorship) में शामिल फ्यूचर ग्रुप (Future Group) ने अब इस टूर्नामेंट से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं।
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5 सालों से आईपीएल से जुड़ा है फ्यूचर ग्रुप
उल्लेखनीय है कि पिछले 5 सालों से फ्यूचर ग्रुप आईपीएल के साथ जुड़ा हुआ था, हालांकि अब वह आईपीएल के 13वें सीजन के साथ ही इस टूर्नामेंट से अपना संबंध खत्म कर रहा है। आईपीएल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार फ्यूचर ग्रुप अब उसकी असोसिएट स्पॉन्सर की लिस्ट में शामिल नहीं है।
इसक बाद से ही बीसीसीआई फ्यूचर ग्रुप के रिप्लेसमेंट की तलाश कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार चूंकि यह फैसला कंपनी की ओर से लिया गया है और टूर्नामेंट शुरु होने से कुछ वक्त पहले बीच रास्ते में यूं छोड़ने पर बोर्ड फ्यूचर ग्रुप पर जुर्माना भी लगा सकता है।

जुर्माना भरने पर ही राजी होगा बोर्ड
सूत्रों के अनुसार, 'फ्यूचर ग्रुप के पीछे हटने की बड़ी वजह स्पॉन्सरशिप के लिए अधिक कीमत चुकाना भी है। हालांकि बोर्ड तभी राजी होगा जब फ्यूचर ग्रुप पेनल्टी भरने पर सहमत होगा।'
गौरतलब है कि इससे पहले साल 2015 में दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़े डायकन एयर-कंडीशनिंग ने भी आईपीएल से अलग होने का फैसला किया था। वह दिल्ली की टीम का मुख्य स्पॉन्सर था। हालांकि दिल्ली की टीम ने जल्द ही जेएसडब्ल्यू ग्रुप को नया मुख्य स्पॉन्सर बना दिया।

वीवो ने छोड़ा था टाइटल स्पॉन्सर का करार
आपको बता दें कि सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए देश भर में चीन विरोधी माहौल है जिसके चलते वीवो इंडिया ने इस साल आईपीएल के मुख्य टाइटल स्पॉन्सर से पीछे हटने का फैसला किया था। बीसीसीआई ने फिर इस साल के लिए नीलामी की घोषणा की। ड्रीम11 को इस साल की टाइटल स्पॉन्सरशिप 222 करोड़ रुपये में दी गई जो वीवो के 440 करोड़ रुपये के काफी कम रही।
हालांकि बोर्ड ने दो अन्य असोसिएट स्पॉन्सर साथ जोड़ने की कवायद शुरू की ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके। अब फ्यूचर ग्रुप के हटने से एक और परेशानी आ गई है।
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