कभी माने जाते थे भारत के दूसरे विराट कोहली, अब 28 की उम्र में किया संन्यास का ऐलान, जानें क्यों
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट युवा और टैलेंटेड खिलाड़ियों से भरा पड़ा है, जिनका सपना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिये भारत के नाम की जर्सी हासिल करना होता है। ऐसे में कुछ खुशनसीब और मेहनती ही खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनका यह सपना सच हो पाता है। उन्मुक्त चंद का नाम भी भारत के उन टैलेंटेड खिलाड़ियों में शुमार है जिनमें काफी प्रतिभा नजर आती थी, हालांकि काबिलियत होने के बावजूद इस खिलाड़ी का भारतीय टीम की जर्सी पहन पाने का सपना पूरा नहीं हो सका। उन्मुक्त चंद साल 2012 की उस भारतीय अंडर 19 टीम के कप्तान थे जिसने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर पर हरा कर खिताब अपने नाम किया था।
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उन्मुक्त चंद साल 2012 में मोहम्मद कैफ (2000) और विराट कोहली (2008) के बाद भारत की अंडर-19 टीम को विश्व कप जिताने वाले तीसरे कप्तान बने थे। उन्मुक्त ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गये फाइनल मैच में नाबाद 111 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी जिसके बाद उन्हें भारतीय टीम के भविष्य के रूप में देखा जा रहा था और भारतीय टीम का दूसरा विराट कोहली कहा जा रहा था।
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कभी माने जाते थे दूसरे विराट कोहली, फिर भी नहीं मिला मौका
उन्मुक्त चंद की बल्लेबाजी शैली में कोहली की झलक नजर आती थी लेकिन भारत के लिये खेलने का सपना पूरा करने में दोनों की किस्मत एक जैसी नहीं रही। जहां विराट कोहली को अंडर-19 विश्व कप जीतने के महज 6 महीने बाद ही मौका मिल गया तो वहीं पर उन्मुक्त चंद को करीब 9 साल बीत जाने के बाद भी भारतीय टीम में जगह बनाने वाले संभावित खिलाड़ियों में भी जगह नहीं मिली।
उन्मुक्त चंद ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि वो एक ही गेंद को 7 तरह से खेलने की शैली में माहिर हो गये हैं और सचिन तेंदुलकर (जो एक ही गेंद को 5 तरह से खेल सकते थे) से भी आगे निकल गये हैं। हालांकि इतने इंतजार के बावजूद भारतीय टीम के लिये खेलने का उनका सपना सच नहीं हो सका और नतीजन उन्होंने भी हार मानते हुए भारतीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है।
उन्मुक्त चंद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल कर अपने संन्यास का ऐलान किया और अपने फैन्स के लिये बेहद भावुक कर देने वाला पत्र लिखा। उन्मुक्त ने बताया कि अब वह क्रिकेट की एक नई पारी की ओर नजर रखने जा रहे हैं और दुनिया भर की लीग में हिस्सा लेने की तैयारी करेंगे।

अब इस देश के लिये खेलते नजर आयेंगे उन्मुक्त
अपने लेटर में चंद ने बताया कि कैसे भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना आंखो में लिये वो बड़े हुए है और जितने भी कीर्तिमान हासिल किये उसको लेकर काफी शुक्रगुजार हैं। इस लेटर में उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ आधा ही सफर पूरा हुआ है और वो अपनी इस यात्रा को बेहद सम्मान के साथ देखते हैं।
उन्मुक्त ने अपने लेटर में अंडर-19 विश्व कप जीत को बेहद खास बताते हुए कहा कि इसके चलते करोड़ों फैन्स के चेहरे पर मुस्कान आ सकी थी। 28 वर्षीय खिलाड़ी ने आगे बात करते हुए कहा कि वो भाग्य पर भरोसा रखते हुए खेल के नयी पारी में गोता लगाने को तैयार हैं। रिपोर्ट की मानें तो उन्मुक्त चंद भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद यूएसए की क्रिकेट टीम के साथ अपनी दूसरी पारी का आगाज कर सकते हैं।
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बीसीसीआई ने मौके देने से किया इंकार
उन्मुक्त चंद ने अपने लेटर में डीडीसीए को उनका टैलेंट पहचान कर मौका देने के लिये धन्यवाद भी कहा है और बताया कि दिल्ली के लिये खेली गई यह यादें और अनुभव उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में से एक है। उन्होंने अपने लेटर में इस बात को माना कि पिछला कुछ समय उनके करियर में ठीक नहीं गुजरा है और जो मौके उन्हें मिलने चाहिये थे वो नहीं दिये गये। इसके चलते उन्होंने बीसीसीआई के सामने अपने सन्यास का ऐलान कर दिया है और दुनिया भर में अच्छे मौकों के लिये निकल रहे हैं।
आपको बता दें कि भले ही उन्मुक्त चंद भारत के लिये नहीं खेल सके हों लेकिन दुनिया की सबसे मशहूर क्रिकेट लीग आईपीएल में वह जरूर शिरकत कर चुके हैं। उन्मुक्त चंद ने 21 आईपीएल मैचों के दौरान 15 की औसत से 300 रन बनाने का काम किया। इस दौरान एक अर्धशतक भी उनके नाम है।
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