क्रिकेट इतिहास के वो 3 मैच जब 1 या दो नही बल्कि सभी 11 खिलाड़ियों को मिला मैन ऑफ द मैच
three Matches of Cricket History When 11 players of Single team received the Man of the Match award: नई दिल्ली। क्रिकेट का इतिहास अजीबो-गरीब किस्सों से भरा पड़ा है जिसमें आये दिन हैरान कर देने वाले कारनामे अपनी जगह बनाते नजर आते हैं। क्रिकेट के खेल में जब भी कोई खिलाड़ी अपने अदम्य प्रदर्शन के दम पर टीम को जीत दिलाने का काम करता है तो उसे मैच के बाद होने वाले पुरस्कार समारोह में मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता है। कई बार देखा गया है कि मैच में यह हारने वाली टीम के खिलाड़ी को मिल जाता है जैसा कि भारत-इंग्लैंड के बीच खेली गई वनडे सीरीज के आखिरी मैच में देखने को मिला था जबकि कई बार यह एक मैच में दो खिलाड़ियों को दे दिया जाता है। पर अगर आपसे कहा जाये कि क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे भी मैच हुए जिसमें एक, दो, तीन नहीं बल्कि 11 खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है तो शायद आप विश्वास न करें, लेकिन यह सच है।
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क्रिकेट इतिहास की यह अनोखी घटना अब तक 3 बार हो चुकी है जिसमें 2 बार वनडे प्रारूप और एक बार टेस्ट प्रारूप में यह कमाल देखने को मिला है। ऐसा ही एक कारनामा आज ही के दिन 13 साल पहले देखने को मिला था, जब एक मैच के दौरान एक या दो खिलाड़ियों को नहीं बल्कि टीम के सभी 11 खिलाड़ियों को मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। आइये आपको उन मैचों से रूबरू कराते हैं।
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न्यूजीलैंड बनाम वेस्टइंडीज, चौथा वनडे, 3 अप्रैल 1996
क्रिकेट इतिहास की यह रोमांचक घटना सबसे पहली बार आज ही के दिन 23 साल पहले घटी थी जब वेस्टइंडीज के दौरे पर पहुंची न्यूजीलैंड की टीम ने जॉर्जटाउन में खेले गये सीरीज के चौथे वनडे मैच में रोमांचक तरीके से 4 रन से जीत हासिल की थी। न्यूजीलैंड की टीम इस मैच में 2-1 से पिछड़ने के बाद उतरी थी जहां पर उसे पता था कि अगर सीरीज में जान बाकी रखनी है तो उसे हर हाल में जीत हासिल करनी होगी।
न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 158 रनों का ही स्कोर खड़ा कर सकी। जिसके बाद मेजबान टीम के लिये जीत आसान लग रही थी। कीवी टीम बेहतरीन फॉर्म में खेल रहे स्टुअर्ट विलियम्स और ब्रायन लारा का विकेट लेने के लिये बेकरार थी जिन्होंने दीपक पटेल की गेंद पर लगातार 3 चौके लगाने का काम किया था। 39 रन के स्कोर पर वेस्टइंडीज टीम के 3 विकेट हासिल करने के बाद कीवी टीम को विश्वास था कि वो इस टोटल को डिफेंड कर सकती है। कीवी गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकेट निकाल रहे थे, चौथे विकेट के लिये 29 रनों की साझेदारी के बाद फिल सिमंस का विकेट गिरा तो पांचवे विकेट के लिये जिम्मी एडम्स और रोलान्ड होल्डर ने 36 रन जोड़े और लगा कि शायद मैच हाथ से चला जायेगा।
तभी क्रिस हैरिस ने एडम्स को रन आउट कर दिया। जहां एक छोर पर होल्डर अपना विकेट संभाले खड़े थे तो वहीं पर दूसरी छोर पर लगातार विकेट गिर रहे थे। वेस्टइंडीज की टीम 104/4 के स्कोर से 120/8 हो गई थी। कर्टली एंब्रोज ने होल्डर के साथ नौंवे विकेट के लिये 32 रनों की साझेदारी की। जब कैरिबियाई टीम जीत से महज 7 रन दूर रह गई थी तभी आखिरी ओवर में क्रिस क्रेन्स ने 2 विकेट लेकर कीवी टीम को 4 रन की यादगार जीत दिला दी।

इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, 1 सितंबर 1996
क्रिकेट इतिहास की यह अजीबो-गरीब घटना इसी साल दूसरी बार तब घटी जब पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के दौरे पर पहुंची थी। 3 मैचों की वनडे सीरीज खेलने पहुंची पाकिस्तान की टीम ने यह कारनामा सीरीज के आखिरी मैच में किया। पहले 2 मैचों में हार का सामने करने के बाद पाकिस्तान की टीम के लिये यह सम्मान की लड़ाई थी और उसने यह लड़ाई बेहद शानदार तरीके से जीती भी।
इंग्लैंड की टीम ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निक नाइट (125) की पारी के दम पर 246 रनों का स्कोर खड़ा किया। पाकिस्तान ने शाहिद अनवर और सईद अनवर के दम पर अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिये 93 रनों की साझेदारी की। 37 रन के स्कोर पर शाहिद ने अपना विकेट गंवाया तो सईद अनवर भी 61 रन बनाकर वापस लौटे। तीसरे विकेट के लिये पाकिस्तान की टीम के लिये आमिर सोहेल और इजाज एहमद ने 63 रनों की साझेदारी की और ऐसा लगा मानों पाकिस्तान की टीम आसानी से मैच जीत जायेगी। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने विकेट निकालना शुरू किया और पाकिस्तान का स्कोर 177/2 से 199/6 पर हो गया। इजाज अहमद भी 28 रन पहले आउट हो गये। लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज राशिद लतीफ ने 28 गेंदों में 31 रन की पारी खेलकर पाकिस्तान को 2 गेंद पहले ही मैच जिता दिया।

साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज, 15 जनवरी- 18 जनवरी 1999
क्रिकेट इतिहास का यह अनोखा कारनामा आखिरी बार 1999 में साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज की टीम के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में देखने को मिला था, जिसे जीतकर अफ्रीकी टीम ने वेस्टइंडीज को 5-0 से क्लीन स्वीप किया था। इस मैच में साउथ अफ्रीकी टीम ने अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर वेस्टइंडीज को 351 रनों से हराया था जो कि आजतक कैरिबियाई टीम के लिये टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी हार है।
वेस्टइंडीज ने अच्छी शुरुआत करते हुए साउथ अफ्रीका के 3 विकेट महज 18 रन पर हासिल कर लिये थे लेकिन मार्क बाउचर (83) और जैक कालिस की पारी ने उनसे मैच को निकालने का काम किया और पहली पारी को 313 पर समाप्त किया। जवाब में कैरिबियाई टीम के लिये ब्रायन लारा (68) और शिव नारायण चंद्रपॉल (38) ही रन बना सके और पूरी टीम 144 पर ढेर हो गई। 169 रनों की बढ़त हासिल करने के बाद साउथ अफ्रीकी टीम ने दूसरी पारी में 5 विकेट खोकर 355 रन बनाये और वेस्टइंडीज के सामने 569 रनों का टारगेट दिया। वहीं चौथी पारी में वेस्टइंडीज की टीम एक बार फिर लड़खड़ा गई 217 रनों पर सिमट गई।
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