नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना दोनों का याराना काफी पुराना है, रैना पूर्व कप्तान धोनी के काफी करीबी कहे जाते हैं, धोनी बहुत चिर-गंभीर वाले इंसान है तो वहीं सुरेश रैना मस्त-मौला... और शायद दोनों के इस विरोधाभास स्वभाव ने ही दोनों की दोस्ती करा दी। हाल ही में सुरेश रैना ने एक इवेंट में कहा था कि धोनी मैदान पर काफी सीरयस रहते हैं, वो मजाक नहीं करते , उनका दिल-दिमाग सिर्फ क्रिकेट पर ही होता है। वो बेहतरीन कप्तान थे, उनके पास हमेशा तीन विकल्प मौजूद होते थे, टीम टॉस जीतेगी तो क्या करेगी और कैसे करेगी और अगर टॉस हारी तो टीम क्या करेगी, वो विकेटकीपिंग करेंगे तो उनका फोकस कहां होगा, सब कुछ उनके दिमाग में फिट होता था। हालांकि धोनी मैदान पर जैसे दिखते हैं वैसे वो रीयल लाइफ में बिल्कुल नहीं हैं। कैमरा हटते ही वो लाइट मूड मे आ जाते थे और हम लोगों की बहुत क्लास लगाते थे।
रैना की इस बात पर मोहर धोनी ने भी लगाई, जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हां मैं फील्ड पर कभी मजाक नहीं करता, अपने आप को उस प्रकार से मैनेज कर लेता हूं, जिस प्रकार मैं सोचता हूं, मैदान पर आप अलग रूप में होते हैं, जहां की एक-एक बात पर लोगों की नजर होती है इसलिए वहां मैं ज्यादा कुछ कर नहीं पाता। जिस वक्त धोनी इस बात का जवाब दे रहे थे वो खुद मंद ही मंद मुस्कुरा रहे थे।
आपको बता दें कि रैना ने अपने खुलासे में एक किस्से का भी जिक्र किया था,उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ खेलते वक्त अकमल ने मेरी झूठी शिकायत की मैं, उन्हें गाली दे रहा हूं, जिसके बाद धोनी ने मुझसे आकर पूछा कि क्या कर रहा हूं मैं, जिस पर मैंने बोला कि मैंने गालियां नहीं दी है, हां खेल के जरिए मैं उन पर दवाब जरूर बना रहा हूं , जिस पर धोनी ने कहा कि अगर ऐसा है तो फिर करो ऐसा क्योंकि हम बोलियों से नहीं खेल से ही उन्हें हरा सकते हैं और मैंने उनकी बात मानी और भारत मैच जीत गया।