नई दिल्ली। दुनिया भर में फैली महामारी कोरोना वायरस के चलते इन दिनों कई देश लॉकडाउन पर हैं। हालांकि लंबे समय से ठप्प पड़े खेल जगत में फुटबॉल की वापसी के साथ ही थोड़ी सी हलचल शुरु हुई है। इस बीच पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य कोच और चयनकर्ता मिस्बाह उल हक ने फुटबॉल की तर्ज पर क्रिकेट की भी वापसी की मांग की है। पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक का मानना है कि खिलाड़ियों का लॉकडाउन के दौरान घरों में सीमित रहना निराशाजनक हो सकता है, ऐसे में बोर्ड को खाली स्टेडियम में उचित सुरक्षा उपायों के साथ क्रिकेट को शुरु कराने की अपील की है।
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अगस्त के महीने में इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलने के लिये इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से बात कर रहा है। इसका आयोजन मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड और साउथम्पटन के खाली स्टेडियम में कराया जा सकता है।
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मिस्बाह ने इस बारे में बात करते हुए कहा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुछ क्रिकेट गतिविधियों का शुरू होना जरूरी है, फिर चाहे वो खाली स्टेडियम में ही क्यों न हो। साथ ही उनकी टीम को बिना दर्शकों के खेलने में कोई दिक्कत नहीं है।
उन्होंने कहा, 'इस महामारी में यह किसी के लिये भी आदर्श स्थिति नहीं है। हम सभी के लिये स्वस्थ रहना और दूसरों की सेहत का ध्यान रखना निश्चित रूप से पहली प्राथमिकता है लेकिन उचित सुरक्षा उपायों के साथ अगर खाली स्टेडियमों में मैचों का आयोजन हो तो इससे किसी को परेशानी नहीं होगी।'
उल्लेखनीय है कि मार्च में पाकिस्तान सुपर लीग के आखिरी चरण के मैचों को रद्द किये जाने के बाद से ही टीम के खिलाड़ी घरों में बंद है।
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इस पर बात करते हुए मिस्बाह ने कहा, 'हर कोई घर तक सीमित है लेकिन मुझे लगता है कि घर में रह रहे लोगों को अगर क्रिकेट देखने को मिलता है तो यह काफी अच्छा होगा। जब आपके पास करने के लिये कुछ नहीं हो और आपको ज्यादा समय कोविड-19 की खबरें सुननी पड़ रही हों तो यह निराशाजनक होता है। ऐसी स्थिति में खेल शुरू किये जा सकते हैं और अगर क्रिकेट शुरू होता है तो लोगों को कम से कम घर में बैठकर क्रिकेट देखने को तो मिलेगा।'
गौरतलब है कि हाल ही में जर्मनी की सरकार ने जर्मन फुटबॉल लीग बुंदेसलीगा को 16 मई से शुरु करने की मंजूरी दी है, जिसकी तारीफ करते हुए मिस्बाह ने कहा यह काफी सकारात्मक कदम है। लेकिन उन्हें भी पहले अपनी सरकार से मंजूरी लेनी पड़ी। सभी क्रिकेट बोर्ड को भी ऐसा करना होगा।