नई दिल्ली। श्रीलंका के साथ 16 नवंबर से शुरू हुई सीरीज के लिए टीम इंडिया ने खास प्लान बनाया है। दरअसल, श्रीलंका से टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज के तुरंत बाद टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के लिए रवाना होना है। ऐसे में इस अहम दौरे को ध्यान रखते हुए टीम मैनेजमेंट अभी से इसकी तैयारियों में जुट गया है। मिली जानकारी के मुताबिक अफ्रीकी दौरे को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया ने श्रीलंका के साथ टेस्ट सीरीज में कई प्रयोग करने के फैसले लिए हैं।
साउथ अफ्रीका की पिचें तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित होती है। साउथ अफ्रीका की पिचों पर ज्यादा स्पीड और उछाल होती है जिसकी वजह से विरोधी टीमों को अफ्रीका में खासा मुश्किल का सामना करना पड़ता है। टीम इंडिया ने इसे देखते हुए श्रीलंका के साथ तीन टेस्ट मैचों में बिना घास वाली तेज औऱ बाउंसी पिच की मांग की है। टीम इंडिया की इस माग को ध्यान में रखते हुए ईडन गार्डेन के पिच से घास हटाने का काम भी शुरू हो गया है जहां श्रीलंका के साथ पहला टेस्ट मैच खेला जाना है।
चूंकि दक्षिण अफ्रीका की पिचें तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा मददगार होती हैं इसलिए टीम इंडिया ने श्रीलंका के साथ मैचों के दौरान तेज गेंदबाजों को ज्यादा मौका देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है टीम इंडिया तीन तेज गेंदबाजों के साथ श्रीलंका के खिलाफ मैदान में उतरेगी।
गेंदबाजों के साथ ही टीम इंडिया के बल्लेबाज भी अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए अभी से जुट गए हैं। खुद कप्तान विराट कोहली इन दिनों नेट पर रेड और येलो गेंद से प्रैक्टिस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि इन रेड और येलो गेंद से प्रैक्टिस रिवर्स स्विंग वाली गेंदों को खेलने के लिए किया जाता है। कभी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर विदेशी दौरे पर जाने से पहले इस गेंद से प्रैक्टिस किया करते थे।
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