नई दिल्ली। टीम इंडिया के डैशिंग कैप्टन विराट कोहली आज रनों के पहाड़ पर बैठे हैं, उनका बल्ला जहां मैदान पर आग उगल रहा है वहीं दूसरी और शौहरत, रिकार्ड्स, तारीफें उनके कदम चूम रही हैं लेकिन आज जिसके पीछे पूरी दुनिया पागल है कभी उसके लिए किसी को कुछ करना काफी भारी पड़ गया था। अब आप कहेंगे कि कैसे तो सुनिए कभी विराट कोहली को मौका देने के चक्कर में पूर्व चीफ सिलेक्टर दिलीप वेंगसरकर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। इस बात का खुलासा हुआ है पत्रकार राजदीप सरदेसाई की किताब डेमॉक्रेसी इलेवन में, जिसके पन्नों पर लिखी स्याही कह रही है कि तमिलनाडु के खिलाड़ी एस बद्रीनाथ की जगह विराट कोहली को चुनने के कारण उन्हें वेंगसरकर को अपने पद से हाथ दोना पड़ा था।बात साल 2008 की है जब अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद विराट कोहली एकदम से सुर्खियों में आ गए थे।
इसके बाद उन्हें एस बद्रीनाथ की जगह राष्ट्रीय टीम में मौका दिया गया। वेंगसरकर का यह फैसला श्रीनिवासन को पसंद नहीं आया। उस वक्त वह बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष और तमिलनाडु क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे। जिसके कारण वो वेंगसरकर पर गुस्सा भी हुए थे और वो इस हद तक नाराज हुए थे कि वो वह गुस्सा होकर तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार के पास शिकायत करने चले गए। इसके अगले ही दिन मुझे सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन पद से हटा दिया गया, लेकिन वह विराट कोहली को चुनने का मेरा फैसला बदल नहीं पाए। इसी तरह के कई खुलासे राजदीप सरदेसाई की किताब डेमॉक्रेसी इलेवन में हुए हैं।