ऐसे में जबकि दूसरे खेलों से जुड़े विश्व और भारत के खिलाड़ियों ने वाडा के इस उपनियम को स्वीकार कर लिया है, क्रिकेटरों ने यह कहते हुए इसका विरोध किया है कि इससे उनकी निजता भंग होने का खतरा है।
युवराज ने इस संबंध में अपनी राय जाहिर करते हुए एक समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार के दौरान कहा, "हम दूसरे खेलों के खिलाड़ियों से ज्यादा खेलते हैं, लिहाजा हमारी चिंता दूसरों से भिन्न है।"
युवराज ने कहा कि नौ से 10 महीने तक क्रिकेट खेलने के बाद जब एक क्रिकेटर अपने घर लौटता है तब वह कुछ पल सुकून से बिताना चाहता है लेकिन इस दौरान भी अगर वाडा का कोई नियम उसका पीछा करता रहे, तो यह उसे किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगा।
युवराज ने कहा, "लंबे समय तक खेलने के बाद जब आप 10 दिनों के लिए घर लौटेंगे, तब आप यह किसी को नहीं बताना चाहेंगे कि आप क्या कर रहे हैं। उस दौरान आप अपनी निजता की रक्षा करना चाहेंगे। जब आप अपने परिजनों और दोस्तों के साथ समय बिता रहे हों, तब आप किसी अन्य बात पर ध्यान नहीं देना चाहेंगे।"
युवराज ने कहा कि वाडा का यह नियम खेल की बेहतरी के लिए बना है लेकिन आज की तारीख में क्रिकेटरों की परेशानी को समझा जाना जरूरी है।
बकौल युवराज, "नियम तो नियम होता है। उसका पालन किया जाना चाहिए लेकिन हमारी कुछ दिक्कतें हैं और इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। हमने यही बात बोर्ड के सामने रखी और हमें खुशी है कि फिलहाल बोर्ड हमारे साथ है। हमें यकीन है कि आने वाले दिनों में बोर्ड इस संबंध में आईसीसी से बात करेगा। इस संबंध में जो भी कदम बोर्ड उठाएगा, हम उसके साथ रहेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।