बर्मिघम। देश की शीर्ष बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल ने एक बार फिर इतिहास रचा है। वो पहली भारतीय महिला हैं, जो इंग्लैंड में चल रहे वर्ल्ड सुपरसीरीज प्रीमियर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की सुन यू को मात दी।
इससे पहले सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद (2001) और प्रकाश पादुकोण (1980) ही ऑल इंग्लैंड ओपन में खिताब जीत सके हैं। 500,000 डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में सायना ने शीर्ष वरीय ली ज्यूरेई को हराकर बड़ा उलटफेर किया। सायना ने सुन यू को 50 मिनट में 21-13, 21-13 से हराया।
कैसा रहा गेम
पहले गेम में सुन यू ने तेज शुरुआत करते हुए सायना पर 6-1 की बढ़त ले ली। सायना ने हालांकि इसके बाद संघर्ष करते हुए स्कोर 11-11 तक पहुंचाया। यहां से सायना ने जैसे यू टर्न लिया और सून यू को बेहद कम मौका देते हुए आखिरी 10 अंक अर्जित कर गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में भी सून यू ने सायना को संघर्ष करने पर मजबूर किया और 12-12 के स्कोर से पहले तक लगभग सायना पर बढ़त बनाए रखने में सफलता हासिल की। इस बीच सुन यू एक स्मैश लगाने के दौरान टखने में चोट खा बैठीं।
चोट के कारण थोड़ा आराम करने के बाद मैरीन दोबारा कोर्ट पर लौटीं, लेकिन सायना ने अब दृढ़ मानसिकता का परिचय देते हुए न सिर्फ बढ़त हासिल की बल्कि आखिरी सात अंक लगातार अर्जित करते हुए शानदार अंदाज में मैच पर कब्जा कर लिया। सून यू के साथ सायना की यह तीसरी भिड़ंत थी, जिसमें उन्होंने जीत-हार का आंकड़ा 2-1 कर लिया।
फाइनल में स्पेन की कैरोलीन से होगा मुकाबला
सायना का फाइनल में मुकाबला रविवार को छठी वरीय स्पेन की कैरोलीन मैरीन से होगा। कैरोलीन मौजूदा विश्व कप चैम्पियन भी हैं। मैरीन ने शनिवार को ही हुए दूसरे सेमीफाइनल मैच में सातवीं विश्व वरीय चीनी ताइपे की ताई त्जू यिंग को 21-18, 21-11 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
सायना से जुड़ी कुछ खास बातें