लंदन ओलम्पिक 2012 में सायना नेहवाल हरियाणा की दूसरी खिलाड़ी है, जिसने कांस्य पदक जीता है। इससे पूर्व जाने-माने निशाने बाज गगन नारंग ने निशानेबाजी में कांस्य पदक जीतकर देश व राज्य का नाम रोशन किया।
सायना नेहवाल ओलंपिक की एकल बैडमिंटन प्रतिस्पर्धा के सेमीफाइनल में हार के बाद शनिवार को ओलंपिक में महिला एकल का कांस्य पदक हासिल करके भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। सायना का भाग्य ने भी साथ दिया तथा तीसरे स्थान के मैच में पिछडऩे के बावजूद चीन की दूसरी वरीय शिन वैंग के हटने से उन्हें पदक मिल गया जो लंदन ओलंपिक खेलों में भारत का तीसरा पदक है।
दुनिया की दूसरी नंबर की खिलाड़ी वैंग ने घुटने की चोट के कारण दूसरे गेम में जब हटने का फैसला किया तब चौथी वरीय सायना पहला गेम गंवाने के बाद मैच में 18-21, 0-1 से पिछड़ रही थी। वैंग हालांकि मैच के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण मुकाबले में आगे नहीं खेल सकी और सायना ने ओलंपिक खेलों के इतिहास में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया। यह मुकाबला 26 मिनट के बाद ही रोकना पड़ा।