रेडक्लिफ का कहना है कि उन्हें ऐसा लगता है कि वह स्वर्ण पदक जीतने की स्थिति में नहीं हैं, लिहाजा उनके लिए मुकाबले से हटना ही बेहतर फैसला होगा।
रेडक्लिफ ने अपने पैर का ऑपरेशन कराने के बाद 10 महीने तक आराम किया था और फिर न्यूयार्क हॉफ मैराथन में विजयी रहीं थीं।
रेडक्लिफ ने कहा, "मुझे इस बात की निराशा है कि मैं बर्लिन में ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार नहीं हूं। मैं दौड़ के लिए तैयार नहीं हूं क्योंकि मैं मानती हूं कि मेरा इस बार पदक जीतना तय नहीं है।"
35 साल की रेडक्लिफ के नाम मैराथन का विश्व रिकार्ड है। उन्होंने 2003 में लंदन मैराथन के दौरान 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे 15 मिनट 25 सेकेंड में पूरी की थी।
पैर में तकलीफ के कारण रेडक्लिफ ने 2008 विश्व चैंपियनशिप और बीजिंग ओलंपिक में हिस्सा नहीं लिया था। विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने अपना आखिरी स्वर्ण पदक 2005 में जीता था।
उधर, महिलाओं की 800 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाली दक्षिण अफ्रीका की युवा धाविका कैस्टर सेमेन्या का लिंग परीक्षण करने का फैसला किया गया है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ इस बात की पुष्टि करना चाहता है कि सेमेन्या सचमुच महिला ही हैं।
18 साल की सेमेन्या ने बुधवार को एक मिनट 55.45 सेकेंड में यह दूरी नापते हुए पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने इस स्पर्धा में वर्ष का सर्वश्रेष्ठ समय निकाला। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है।
मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली केन्या की एथलीट जेनेथ जेपकोस्गी ने दूसरा स्थान हासिल किया। जेपकोस्गी ने एक मिनट 57.90 सेकेंड में यह दूरी पार की। ब्रिटेन की एथलीट जेनी मिडोस तीसरे स्थान पर रहीं।
महासंघ ने कहा है कि सेमेन्या द्वारा वर्ष का सर्वश्रेष्ठ समय निकाले जाने के बाद उनका लिंग परीक्षण कराने का फैसला किया गया।
महासंघ के सचिव पियरे वेइस ने कहा, "इस समय हमें सेमेन्या के लिंग की सही जानकारी नहीं है। फिलहाल वह महिला वर्ग में हिस्सा ले रही हैं। इसका उन्हें फायदा भी मिल सकता है लेकिन जांच के बाद वह अगर गलत पाईं गईं तब उनका पदक छीन लिया जाएगा। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।