नई दिल्ली: मैरी कॉम ने गुरुवार को विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत का पदक पक्का कर दिया है। उन्होंने इस प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इंग्रिट वालेंसिया को हराकर एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
यह विश्व चैंपियनशिप में उनका आठवां पदक होगा। रूस में हो रही इस प्रतियोगिता में मैरी कॉम बाउट के दौरान काफी शांत और आश्वस्त दिखाईं दीं। उन्हें अच्छा जन समर्थन भी मिला। पहले दौर की गहमागहमी के बाद, मैरी कॉम ने अगला मुकाबला और भी कड़ाई से खेला बाद में 5-0 के सर्वमत फैसले के माध्यम से अपनी प्रतिद्वंदी को मात दे दी।
मैरी कॉम अब शनिवार, 12 अक्टूबर को सेमीफाइनल में चीन की काई ज़ोंगजू या तुर्की की काकीरोग्लू बुसेनाज़ से भिड़ेंगी। ज़ोंग्जू और बुसेनाज़ गुरुवार को दोपहर में एक दूसरे के खिलाफ क्वार्टर फ़ाइनल में मुकाबले में आमने-सामने होंगी।
मैरी कॉम ने मंगलवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की जितपंग जूटामस को हराया था। थाई मुक्केबाज ने हालांकि अनुभवी भारतीय मुक्केबाज को आसान जीत नहीं हासिल करने दी। तीसरे वरीयता प्राप्त मैरी कॉम ने शुरुआती दौर में एक बाई प्राप्त की और पहले तीन मिनट अपनी प्रतिद्वंदी को परखने में लगा दिए। मैरीकॉम ने 51 किग्रा डिवीजन में अपने पहले विश्व पदक को लक्ष्य करते हुए दूसरे दौर में तेजी दिखाई।
खासकर उनके काउंटर अटैक काफी तेज थे। मैरी 1-2 के संयोजन से अंक बटोरने की कोशिश में थी और सही जगह पंच लगाने में भी सफल हो रही थी साथ ही वह अपनी फुर्ती के कारण जितपोंग के पंचों से अच्छा बचाव भी कर रही थीं। तीसरे दौर में भी मैरी ने दाएं और बाएं जैब का अच्छा इस्तेमाल किया और जितपोंग के करीब आने पर अपरकट भी लगाए। अंतत: मैरी के हिस्से जीत आई।