कनाडा से गुरुवार को हालांकि एक बुरी खबर आई। उसके दो तीरंदाजों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य चिंताओं का हवाला देते हुए खेलों से खुद को अलग कर लिया है। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी को इसकी चिंता नहीं है क्योंकि उनकी प्राथमिकता इस बात को लेकर है कि सदस्य देश खुश रहें। गुरुवार को कलमाडी ने साफ कर दिया कि सभी 71 टीमों के दल प्रमुख तैयारियों से खुश हैं।
इस मामले में गुरुवार को विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा का एक सकारात्मक बयान सामने आया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने न्यूयार्क पहुंचे कृष्णा ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत सफल मेजबान साबित होगा। सफल मेजबानी को लेकर ही केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को आयोजन समिति के सदस्यों के साथ बैठक की और आयोजन स्थलों को शीघ्रता पूर्वक सुरक्षा एजेंसियों को सौंपने को कहा।
एक दिन पहले खेल गांव की तैयारियों को लेकर आलोचनात्मक भाषा का उपयोग करने वाले आस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल खेल संघ (एसीजीए) के प्रमुख पेरी क्रॉसव्हाइट ने गुरुवार को राष्ट्रमंडल खेलों के प्रति अपने देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा कि वह तीन से 14 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले खेलों की सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट हैं।
दिल्ली में मौजूद क्रॉसव्हाइट ने दिल्ली से आस्ट्रेलियाई टीम को लिखे एक पत्र में खिलाड़ियों को आश्वासन दिया है कि खेल गांव व अन्य आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था अच्छी है। क्रॉसव्हाइट आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए दिल्ली पहुंची राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों की टीम का हिस्सा हैं।
खेल आयोजकों को पिछले तीन दिनों से कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को मुख्य आयोजन स्थल जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर बना फुट ओवरब्रिज ढह गया था और फिर इसके बाद बुधवार को वेटलिफ्टिंग हॉल की सीलिंग से कुछ टाइल्स गिर गई थीं।
आयोजकों को हालांकि वेलिंगटन से एक खराब खबर मिली है। न्यूजीलैंड ओलम्पिक संघ (एनजेडओए) ने सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर गौर करते हुए एथलीटों की नई दिल्ली रवानगी दो दिनों के लिए टाल दी है।स्थानीय समाचार पत्र 'न्यूजीलैंड हेराल्ड' में छपी खबर के मुताबिक एनजेडओए ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जब तक खेल गांव में हालात सुधर नहीं जाते तब तक उनकी टीम सिंगापुर में रहकर अभ्यास कर सकती है।
कई प्रमुख देशों के एथलीटों के नाम वापस लेने के बाद गुरुवार को कनाडा के 2 तीरंदाज नई दिल्ली नहीं आ रहे हैं। ये दोनों तीरंदाज केविन टाटारिन और दिएत्मार ट्राइलस हैं। इनके कोच रिचर्ड टॉलर के मुताबिक दोनों खिलाड़ी नई दिल्ली नहीं आएंगे।इस बीच, कलमाडी ने साफ किया कि सभी 71 टीमों के दल प्रमुख भारत की तैयारियों से खुश हैं। खेल गांव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कलमाडी ने साफ किया कि उन्हें किसी भी देश के खेलों से हटने को लेकर पत्र नहीं प्राप्त हुआ है।
बकौल कलमाडी, "हमें किसी भी सदस्य देश से इस संबंध में पत्र नहीं प्राप्त हुआ है। गुरुवार सुबह हमारी टीमों के दल प्रमुखों से बात हुई है। मैं बताना चाहता हूं कि अब सभी हमारी तैयारियों से खुश हैं।"खेल गांव की खराब स्थिति को लेकर कलमाडी ने कहा कि हमारे हवाले कुल 36 ब्लॉक किए गए हैं, जिनमें से 18 की हालत अच्छी है। बाकी के 18 को लेकर शिकायत मिली है, जो गुरुवार रात तक दूर कर दी जाएगी।
कलमाडी ने कहा, "18 ब्लॉक काफी पहले हमारे हवाले कर दिए गए थे। बाकी के 18 हाल हमें बाद में मिले। शिकायत बाद के 18 ब्लॉक को लेकर आ रही है लेकिन उसे भी आज रात तक ठीक कर लिया जाएगा।"उधर, चिदम्बरम ने आयोजन समिति के सदस्यों से मुलाकात की और खेलों के संबंध में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। चिदम्बरम ने खेलों के मद्देनजर आयोजन स्थलों को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले करने की प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर चिंता जाहिर की।
सूत्रों के अनुसार चिदम्बरम ने आयोजन समिति के सदस्यों से कहा कि 'इस संबंध में अब और कोई देरी बर्दाश्त नहीं होगी' क्योंकि सुरक्षा संबंधी व्यवस्था अगले महीने शुरू हो रहे खेलों से पहले स्थापित करनी है।
इस बैठक में आयोजन समिति के सदस्यों और चिदम्बरम के अलावा गृह सचिव जी. के. पिल्लई और दिल्ली के पुलिस आयुक्त वाई.एस. डडवाल भी शरीक हुए। इस मौके पर डडवाल ने मीडिया से कहा कि दिल्ली पुलिस आयोजन स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने को लेकर कृतसंकल्प है। ऐसे में विदेशी खिलाड़ियों और अतिथियों को सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने न्यूयार्क पहुंचे विदेश मंत्री कृष्णा ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यह भरोसा दिलाया है कि भारत खेलों का सफल आयोजन करने में सफल रहेगा। समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कृष्णा ने कहा, "मैंने खेलों के आयोजन को लेकर चिंता जाहिर करने वाले सभी देशों को यह भरोसा दिलाया है कि भारत इन खेलों का सफल आयोजन कराने में सक्षम है।"
कृष्णा को सोमवार को संयुक्त राष्ट्र आम सभा के दौरान राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों से मिलना है। ऐसे में उनका यह बयान राष्ट्रमंडल देशों के लिए काफी अहम होगा।ऐसे में जबकि खेलों से कुछ दिन पहले जामा मस्जिद के करीब विदेशी पर्यटक बस पर हमला किया गया है, कृष्णा को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राष्ट्रमंडल देशों के विदेशमंत्रियों की ओर से कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।