नई दिल्ली। आज का दिन क्रिकेट के लिए बहुत खास है। आज का दिन क्रिकेट प्रशंसकों के अलावा दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमेन और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के लिए भी बहुत खास है। आज ही दिन शतकों का शतक बनने का सिलसिला शुरू हुआ था। जी हां, पहले बात करते हैं सर डॉन ब्रैडमेन की जिन्होंने 14 अगस्त 1948 को अपना आखिरी मैच खेला था। यह मैच ओवल में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया ने ये सीरीज पहले से ही 3-0 जीत ली थी।
जब महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन आखिरी मैच खेलने लंदन के ओवल मैदान पर उतरे थे तो उन्हें टेस्ट मैच में अपने टेस्ट करियर की औसत 100 करने के लिए कुल 4 रन बनाने थे। लेकिन डॉन ब्रैडमैन इंग्लैंड के खिलाड़ी एरिक होलिस की गेंद पर शून्य पर बोल्ड हो गए। उन्हें आउट करने वाले गेंदबाज बताते हैं कि विकेट गिरने के बाद ब्रैडमैन हैरान रह गए थे। इससे पहले जब ब्रैडमैन अपना आखिरी मैच खेलने उतरे तो इंग्लिश टीम ने महान बल्लेबाज के लिए सम्मान व्यक्त करने के लिए अपनी टोपियां उतारीं थी। ऑस्ट्रेलिया ने ये मैच आशानी से जी लिया था। लेकिन ब्रैडमेन का करियर 99.94 की औसत के साथ 6,996 रनों के साथ रुक गया।
देखें सर डॉन ब्रैडमैन की आखिरी पारीः-
डॉन ब्रैडमेन के संन्यास लेने के 42 साल बाद भारतीय महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अंग्रेजों के देश में अपना टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक बनाया था। इस शतक की मदद से टीम इंडिया टेस्ट मैच बचाने में कामयाब रही थी। मैनचेस्टर में खेले गए इस मैच में सचिन ने नाबाद 119 रन बनाए थे। 14 अगस्त 1990 को खेला गया ये मैच ड्रॉ रहा था। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं सचिन तेंदुलकर। तेंदुलकर ने टेस्ट मैच में 51 और वनडे में 49 शतक लगाए हैं।
देखें सचिन की पहली शतकीय पारीः-