For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

क्रिकेट इतिहास के वो 5 खिलाड़ी जो बने अमीर से गरीब, यह भारतीय बना चौकीदार

नई दिल्ली। मौजूदा समय में क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें एक खिलाड़ी को नाम, सम्मान के साथ-साथ बहुत सारा पैसा भी मिलता है। इतना ही नहीं अगर यह खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने में कामयाब हो जाते हैं सिर्फ वर्तमान के लिये ही नहीं बल्कि भविष्य का जीवन आसानी से बीत जाये इतना पैसा मिल जाता है। आज के समय में क्रिकेट ने खिलाड़ियों को मालामाल कर दिया है, जिनमें से कई खिलाड़ी ऐसे रहे जिन्होंने अपने शुरुआती दिनों में गरीबी और मुश्किलों का सामना किया लेकिन आज अपने प्रदर्शन और टैलेंट के दम पर इतना पैसा कमा लिया है कि बहुत सारे लोग उनके जैसा बनने का सपना देखते हैं।

और पढ़ें: 5 भारतीय गेंदबाज जिन्होंने T20 में डाला आखिरी ओवर, यादगार बना मैच

पर क्या आपको पता है कि क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने क्रिकेट के दम पर पैसा कमाया और अमीर बनें लेकिन जैसे ही उनका करियर खत्म हुआ पैसों ने भी उनका साथ छोड़ दिया। इन खिलाड़ियों को अपने जीवन-यापन के लिये कई दूसरी नौकरी करनी पड़ी और बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पालन करना पड़ा।

आइये एक नजर उन 5 खिलाड़ियों पर डालते हैं जिन्हें क्रिकेट ने अमीर बनाया लेकिन फिर रिटायरमेंट के बाद वह गरीब बन गये:

और पढ़ें: युवराज सिंह ने बताया आईपीएल की सबसे खराब टीम का नाम, नहीं मिलता था सम्मान

अरशद खान (Arshad Khan, Pakistan)

अरशद खान (Arshad Khan, Pakistan)

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के शानदार स्पिन गेंदबाजों में से एक अरशद खान का नाम इस लिस्ट में शुमार है जिन्होंने साल 1997-99 के बीच पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के लिये खेला। अरशद खान ने साल 2006 में क्रिकेट को अलविदा कहा, जिसके दौरान उन्होंने 9 टेस्ट और 58 वनडे मैचों में शिरकत की।

इस दौरान अरशद खान ने पाकिस्तान के लिये खेलकर काफी पैसा भी कमाया। हालांकि क्रिकेट से संन्यास लेते ही अरशद खान के लिये परिवार को पालना मुश्किल हो गया। जिसके चलते वह परिवार समेत ऑस्ट्रेलिया चले गये जहां सिडनी में वह टैक्सी चलाकर अपने परिवार को पाल रहे हैं।

एडम हॉलियोक (Adam Hollioake, England)

एडम हॉलियोक (Adam Hollioake, England)

इंग्लैंड क्रिकेट के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ियों में शामिल एडम हॉलियोक का नाम भी उन खिलाड़ियो की लिस्ट में शुमार है जिन्हें करियर के दौरान कभी भी पैसों की कमी नहीं हुई लेकिन संन्यास लेने के साथ ही ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ा जहां पैसों के लाले पड़ गये।

ऑस्ट्रेलिया में जन्में एडम हॉलियोक ने इंग्लैंड के लिए कुछ साल तक क्रिकेट खेला और अपने हरफनमौला प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया। साल 2007 में हॉलियोक को आखिरी बार खेलने का मौका मिला जिसके बाद उनके सामने पैसों की तंगी आ गई। इसी के चलते एडम ने क्रिकेट छोड़ मिक्स्ड मार्शल आर्ट में काम करना शुरू किया और ऐसे पैसा कमाने पर मजबूर हुए।

मैथ्यू सिंक्लेयर (Mathew Sinclair, New Zealand)

मैथ्यू सिंक्लेयर (Mathew Sinclair, New Zealand)

अमीर से गरीब होने वाले खिलाड़ियों कि लिस्ट में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू सिंक्लेयर का नाम भी शामिल है जिन्होंने अपने पहले ही टेस्ट में दोहरा शतक लगाकर यादगार डेब्यू किया था। इसके बाद वो कई साल तक न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के लिए खेलते हुए नजर आये। हालांंकि इस दौरान वो लगातार अंदर-बाहर होते रहे। साल 2013 में सिंक्लेर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया।

क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उनके सामने परिवार चलाने का संकट आ गया। इस मुश्किल का सामना करने के लिये उन्होंने कुछ समय तक नौकरी की और फिलहाल वो रियल स्टेट कंपनी में काम करते हैं।

क्रिस क्रेर्न्स (Chris Cairns, New Zealand)

क्रिस क्रेर्न्स (Chris Cairns, New Zealand)

कीवी क्रिकेट टीम के इतिहास में रिचर्ड हेडली के बाद अगर किसी ऑलराउंडर खिलाड़ी को महान माना जाता है तो वो हैं क्रिस क्रेन्स की जिन्होंने टीम में हेडली की कमी को पूरा करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। क्रिस क्रेर्न्स ने अपने प्रदर्शन से दुनिया भर में नाम कमाया। संन्यास लेने के बाद क्रिस केर्न्स ने हीरों का व्यापार शुरु किया।

हालांकि इस व्यापार में उन्हें काफी घाटा झेलना पड़ा। इसके बाद तो हालात ऐसे हो गये कि केर्न्स के लिये परिवार को चलाना भी मुश्किल हो गया। इस मुश्किल वक्त में अपने परिवार को पालने के लिये उन्होंने ट्रक धोने और ट्रक ड्राइविंग का काम शुरु कर दिया ताकि अपने परिवार का खर्च चला सकें।

जनार्धन नावले (Janardan Navle, India)

जनार्धन नावले (Janardan Navle, India)

इस लिस्ट में दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई का भी एक खिलाड़ी शामिल है। हालांकि यह हाल फिलहाल की बात नहीं है फिर भी भारतीय क्रिकेट से जुड़ा होने के चलते थोड़ी गंभीर जरूर है। भारत में साल 1932 में क्रिकेट की शुरुआत हुई। इस दौरान खिलाड़ियों को कुछ खास पैसा नहीं मिलता था।

भारतीय क्रिकेट की पहली टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में शामिल रहे जनार्धन नावले के बारे में शायद ही कोई जानता हो लेकिन वह उन खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्हें करियर की समाप्ति के बाद काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालात इस कदर संघर्षपूर्ण थे कि जनार्धन को पुणे की एक चीनी मील में चौकिदार के रूप में काम करना पड़ा।

Story first published: Friday, May 15, 2020, 14:59 [IST]
Other articles published on May 15, 2020
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+