
1. भागवत चंद्रशेखर
इस खिलाड़ी का सपना भी कभी वनडे टीम में शामिल होने का पूरा हुआ था लेकिन 1 मैच के बाद उन्हें कभी हुनर दिखाने का माैका नहीं मिला। कर्नाटका में 17 मई 1945 को जन्मे भागवत स्पिन गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने 22 फरवरी 1976 को बर्मिंघम में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया था। इस मैच में उन्होंने 7 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 36 रन देकर 3 विकेट निकाले थे। भागवत ने इस प्रदर्शन के साथ ही अपना दावा मजबूत कर दिया लेकिन बावजूद इसके फिर टीम में शामिल नहीं किया गया। भागवत भारत के कामयाब खिलाड़ियों में एक रहे हैं। उन्होंने 58 टेस्ट मैचों में 242 विकेट अपने नाम किए थे।

2. पंकज धरमानी
इस खिलाड़ी ने टीम के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इन्हें भी एक वनडे मैच खिलाने के बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। 17 सितंबर 1974 को दिल्ली में जन्में पंकज को 23 अक्तूबर 1996 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ जयपुर में खेलने का माैका मिला। इस मैच में पंकज ने 8 रन बनाए थे। भारत यह मैच 27 रन से हारा और पंकज की फिर कभी वापसी नहीं हुई। पंकज का यह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मैच रहा था। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50.06 की एवरेज से 9312 रन बनाए जिसमें 26 शतक व एक तिहरा शतक भी शामिल है।

3. डोडा गणेश
डोडा के लिए बड़ी खबर उस समय आई जब उन्हें 1997 में जिंम्बाव्बे दाैरे के लिए चुन लिया गया था। डोडा को 15 फरवरी 1997 को ज़िम्बाब्वे के खिलाफ वनडे डेब्यू करने का मौका मिला। कर्नाटका के इस बल्लेबाज ने अपने डेब्यू मैच में ही 5 ओवर गेंदबाजी की जिसमें उन्होंने 20 रन देकर एक विकेट लिया। उन्होंने 4 रन भी बनाए थे। लेकिन भारत यह मैच 8 विकेट से हार गया। इसी के साथ डोडा के लिए यह मैच वनडे करियर का आखिरी मैच साबित हो गया। डोडा ने 1 वनडे के अलावा 4 टेस्ट भी खेले हैं।

4. पंकज सिंह
34 वर्षीय तेज गेंदबाज पंकज ने साल 2009 में घरेलू स्तर पर बड़ा धमाकेदार प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन को देख टीम चयनकर्ताओं ने उन्हें 2010 में त्रिकोणीय सीरीज के लिए चुन लिया जिम्बाब्वे और श्रीलंका के खिलाफ थी। पंकज को 5 जून 2010 को श्रीलंला के खिलाफ खेलने का माैका मिला। लेकिन पंकज ने इस डेब्यू मैच में ने 7 ओवर फेंकते हुए बिना कोई विकेट लिए 45 रन लुटा दिए। भारत यह मैच 6 विकेट से भी हारा। इसके बाद पंकज को कभी वनडे टीम में शामिल नहीं किया गया। पंकज 2 टेस्ट मैच भी खेल चुके हैं।

5. परवेज रसूल
एक समय था जब जम्मू-कश्मीर के गेंदबाज परवेज रसूल को भारत के स्पिन आक्रमण का भविष्य कहा जाता था। रसूल को करीब 6 साल पहले वनडे में डेब्यू करने का माैका मिला था, लेकिन इसके बाद वो फिर टीम के साथ नहीं जुड़ सके। रसूल के लिए 15 जून 2014 को बांग्लादेश के खिलाफ खेला मैच आखिरी मैच साबित हो गया। यह मैच ढाका में हुआ था। भारत ने इसे 7 विकेट से जीता लेकिन रसूल ने10 ओवरों में 60 रन देकर 2 विकेट हासिल किए थे। इस मैच के बाद रसूल दोबारा वनडे टीम में शामिल नहीं हो सके।

6. फैज फजल
7 सितंबर 1985 को जन्मे फैज फजल बताैर ओपनर मैदान पर उतरते थे। उन्हें खेलने के लिए माैका 15 जून को जिंम्बाव्बे के खिलाफ मिला। फजल ने तब केएल राहुल के साथ ओपनिंग की थी। फजल ने खुद को साबित करते हुए 61 गेंदों में नाबाद 55 रनों की पारी भी खेली थी, जिसमें 7 चौके और 1 छक्का शामिल रहा था। उनकी पारी की मदद से भारत ने 10 विकेट से मैच जीता लेकिन फिर अचानक उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। फजल आईपीएल में 12 मैच भी खेल चुके हैं।


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