सीनियर भारतीय क्रिकेट टीम के नए चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर एक ऑलराउंडर रहे हैं जिनकी बल्लेबाज हमेशा किसी ना किसी कारण से दबी रही। वे एक बहुत बढ़िया बल्लेबाज थे और कई मौकों पर उन्होंने इसको साबित किया।
लेकिन बैटिंग ऑर्डर में उतार-चढ़ाव रहे हों या फिर गेंदबाजी को ज्यादा अहमियत देना हो, अगरकर बैटिंग में कंसिस्टेंसी की कमी से जूझते रहे। उनकी बैटिंग में गिरावट का सबसे चर्चित किस्सा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार 7 बार शून्य पर आउट होना रहा।
ये सिलसिला तब शुरू हुआ जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया की टीम का 1999-2000 में दौरा किया था और अगरकर ने एडीलेड टेस्ट की दूसरी पारी में जीरो बनाया। इसके बाद मेलबर्न में दोनों पारियों में जीरो बने। यहां तक की सिडनी टेस्ट में भी जीरो बनाया गया।
अब सब हैरान थे कि अगरकर को क्या हो गया है। इस दौरान भारतीय टीम भी जूझ रही थी। लेकिन अगरकर तो बिल्कुल बैटिंग नहीं कर पा रहे थे। देखते ही देखते अगरकर के लगातार शून्यों ने मीडिया की सुर्खियां पकड़ ली। अगरकर को पता था दुनिया उनके एक रन का बेसब्री का इंतजार कर रही। ये जीरो का सिलसिला टूटना चाहिए।
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हालांकि जब ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 2000-01 में भारत का दौरा किया तो अगरकर को फिर से तंग किया। ये खिलाड़ी वानखेड़े स्टेडियम में दोनों पारियों में जीरो पर आउट हो गया। इस तरह से कंगारूओं के खिलाफ लगातार 7 बार डक का सिलसिला अविश्वसनीय तौर पर लंबा हो गया।
अगरकर को इससे मुक्ति ब्रिसबेन के 2003 में हुए टेस्ट मैच में मिली। मौजूदा चीफ सिलेक्टर ने जैसे ही वह रन लिया तो सेंचुरी के स्टाइल में बल्ला उठाकर सेलिब्रेशन किया। ये जश्न देख भीड़ भी हंसे बिना नहीं रह पाई। इसका वीडियो आप यहां देख सकते हैं।
Ajit Agarkar is the new Chairman of men's cricket selection committee.
— Abhishek Murarka 💹🐂 (@abhymurarka) July 4, 2023
I still remember him for the classic bat raise when he scored a single after 7 ducks! pic.twitter.com/y3sb0qc39W