
नहीं कर रहा कोई मदद
मुंबई में मेट्रो सिनेमा के सामने अशरफ की खेल के सामान की बड़ी दुकान है, लेकिन अब चीजें काफी बदल गईं। कोरोना वायरस के कारण काम ठप होने पर उनके नाैकर घर चले गए। वहीं इस बीच आशरफ एक बीमारी के चलते सुहूर्बन मुंबई हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उनकी बीमारी का कारण कोरोनावायरस नहीं है। उनको गुर्दे में पथरी संबंधी दिक्कत है। अशरफ के पास इलाज के लिए पैसे नहीं है। ना ही उनकी मदद के लिए वो क्रिकेटर्स सामने आए जिन्होंने उनकी बदाैलत अपने बल्ले से रन बरसाए।

जो पैसा था वो खत्म हो गया
अशरफ एक शुभचिंतक प्रशांत जेठमलानी, जो उन्हें पिछले 15 वर्षों से जानते हैं, इलाज के लिए धन जुटाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''उनकी स्थिति अच्छी नहीं है। किडनी में पथरी से संबंधित कुछ समस्या थी, जो फिर से उभर आई है और अन्य जटिलताएं भी हैं। लॉकडाउन का मतलब है कि उनके व्यवसाय को एक झटका मिला क्योंकि शहर में क्रिकेट पूरी तरह से रूका हुआ है। उसके पास धन नहीं है। उनके पास जो कुछ भी है, वह खत्म हो गया है।''

सिर्फ 2 लाख ही जुट पाए
प्रशांत जेठमलानी ने आगे कहा, ''हम लगभग दो लाख का प्रबंध कर चुके हैं, लेकिन हमें और अधिक की आवश्यकता है। हम निकट भविष्य में उसकी निरंतरता के लिए उसके लिए कुछ धन जुटाना चाहते हैं।'' 1920 से अपने परिवार के संचालन में रहे एक छोटे से दुकान एम अशरफ ब्रदर्स के मालिक, लॉकडाउन ने उनके वित्त को चोट पहुंचाई है, जबकि उनके अन्य कर्मचारी अपने गृहनगर लौट आए हैं। हालात इससे भी बदतर हो गए जब दो महीने पहले उनके बड़े भाई का निधन हो गया।


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