नई दिल्ली। कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। समर्पण, मेहनत और लगन से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है और ऐसा ही कर दिखाया है भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने। 23 साल के सिराज को श्रीलंका के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। उन्होंने पिछले महीने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हुए राजकोट टी-20 मैच से अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज़ किया था। हालाँकि सिराज के लिए टीम इंडिया में जगह पाने तक का सफ़र इतना आसान नहीं था।
घर की आर्थिक स्थिति नहीं थी अनुकूल
एक लोअर मिडिल क्लास परिवार से तालूक रखने वाले इस खिलाडी को शुरूआती दिनों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सिराज ने एक इंटरव्यू में कहा की "मेरे वालिद साब ने बहुत मेहनत की है। उन्होंने इतने साल तक ऑटो चलाया लेकिन कभी भी परिवार और हम दो भाइयों पर आर्थिक संकट नही आने दिया। मुझे पढाई में ज्यादा लगाव नही था जिसके लिए अम्मी हमेशा डांटती थी लेकिन अब वो बहुत खुश हैं"।
आईपीएल ने बदली किस्मत
सिराज के लिए साल 2017 का आईपीएल सीजन उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट रहा। आईपीएल नीलामी में जब उनकी बोली 2.6 करोड़ तक गई तो उन्हें बिलकुल विश्वास नही हुआ। सिराज ने हैदराबाद की ओर से रणजी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया था जिस वजह से नीलामी में काफी टीमों ने उनमें रूचि दिखाई। आईपीएल-2017 में सनराईजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हुए सिराज ने 6 मैचों में 10 विकेट लिए। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें पहले इंडिया-ए और फिर सीनियर टीम में भी जगह मिल गई।
उम्मीद करते हैं सिराज टीम इंडिया के लिए भी प्रभावी प्रदर्शन करेंगे और भविष्य में सफलता की नई इबारत लिखते नजर आएंगे।