BCCI का बड़ा ऐलान, सालाना अवॉर्ड समारोह में श्रीकांत-अंजुम चोपड़ा को मिलेगा बड़ा सम्मान

K Srikanth

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप की विजेता टीम के सदस्य के श्रीकांत और भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा को खेल के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित करने का फैसला किया है। बीसीसीआई ने दोनों खिलाड़ियों को साल 2019 के खेल पुरस्कारों में सबसे प्रतिष्ठित सीके नायडू लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देने की घोषणा की है।

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बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार सालाना पुरस्कार समारोह में श्रीकांत और अजुंम चोपड़ा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड की पहली पसंद हैं।

श्रीकांत को बीसीसीआई देगा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

श्रीकांत को बीसीसीआई देगा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

बीसीसीआई सूत्र ने कहा,' भारतीय क्रिकेट में श्रीकांत और अंजुम के महत्वपूर्ण योगदान के लिये लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करने का फैसला किया गया है। बीसीसीआई में हर किसी का मानना है कि वे इस पुरस्कार के लिए उपयुक्त पसंद हैं।'

उल्लेखनीय है कि कृष्णचमारी श्रीकांत ने 1981 से 1992 तक भारतीय टीम की कमान संभाली थी। वह तमिलनाडु के लिये खेलने वाले दिग्गज खिलाड़ियों एस वेंकटराघवन और रविचंद्रन अश्विन के साथ लिस्ट में शामिल हैं।

 बिना हेलमेट मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरते थे श्रीकांत

बिना हेलमेट मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरते थे श्रीकांत

बीसीसीआई की ओर से आयोजित होने वाला यह सालाना पुरस्कार समारोह भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले मुंबई में 12 जनवरी को आयोजित किया जा रहा है। 14 जनवरी से भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है।

श्रीकांत ने अपने करियर के दौरान 43 टेस्ट और 146 वनडे मैच खेले। इस दौरान श्रीकांत ने टेस्ट प्रारूप में दो शतक और 12 अर्धशतकों की मदद से 2062 रन बनाए, हालांकि वनडे क्रिकेट में उनका एक अलग जलवा देखने को मिला था। श्रीकांत ने 146 मैचों की 145 पारियों में 4 शतक और 27 अर्धशतक की बदौलत 4091 रन बनाये। वह मैदान पर बिना हेलमेट तेज गेंदबाजों का सामना करने और तेजी से रन बनाने के लिये काफी मशहूर थे।

1983 विश्व कप फाइनल में निभाई थी अहम भूमिका

1983 विश्व कप फाइनल में निभाई थी अहम भूमिका

1983 विश्व कप के दौरान फाइनल मैच में वेस्ट इंडीज के खतरनाक तेज गेंदबाजों के सामने कुछ इसी अंदाज में उतरे और सबसे ज्यादा नाबाद 38 रन बनाए। 1989 में पाकिस्तान दौरे पर के श्रीकांत को भारतीय टीम की कमान मिली, यह वही दौरा था जिसमें भारतीय क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। यह सीरीज ड्रॉ रही, लेकिन इसके बाद उन्हें कप्तानी से हटा दिया गया था। उन्होंने 1992 विश्व कप के बाद संन्यास ले लिया था। वह 2009 से 2012 तक राष्ट्रीय चयनसमिति के अध्यक्ष भी रहे।

भारत की टॉप महिला खिलाड़ी को भी मिलेगा सम्मान

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वहीं भारतीय महिला क्रिकेट में अंजुम चोपड़ा को मिताली राज से पहले भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला बल्लेबाज माना जाता था। उन्होंने 12 टेस्ट मैचों में 548 रन बनाए। अंजुम चोपड़ा ने भारत के लिये 127 वनडे मैचों में शिरकत की और 1 शतक और 18 अर्धशतक की मदद से 2856 रन बनाये। उन्होंने भारत के लिये 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले और 241 रन बनाये।

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Story first published: Saturday, December 28, 2019, 11:25 [IST]
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