नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) के बीच की तनातनी किसी से छिपी नहीं है। यह बात खुलकर शुक्रवार को विशेष आम बैठक (एसजीएम) में भी सामने आ गई। हालांकि इस बैठक में बोर्ड के पदाधिकारियों और राज्य संघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद के मुताबिक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के नए अनुबंधों को स्वीकृति दे दी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति ने सात मार्च को खिलाडिय़ों के संशोधित अनुबंधों की घोषणा की थी, लेकिन बोर्ड के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने यह कहकर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया था कि इसे एसजीएम की मंजूरी की जरूरत है। इस बैठक की शुरुआत में 2013 आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में मूल याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने बोर्ड के कामकाज की आलोचना के लिए सदस्यों से माफी भी मांगी।
यह भी हुआ अहम फैसलाः इस फैसले के बाद अब यह तय हो गया है कि खिलाडिय़ों को ब्रिटेन दौरे से पहले भुगतान हो जाएगा। संशोधित अनुबंधों के तहत ए-प्लस श्रेणी के क्रिकेटरों को सात करोड़ रुपये, ए, बी और सी श्रेणी में क्रमश: पांच करोड़, तीन करोड़ और एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आमसभा ने घरेलू क्रिकेटरों और महिला क्रिकेटरों के वेतन में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। आगामी घरेलू सत्र में पूर्वोत्तर राज्यों और बिहार की टीमों को प्लेट वर्ग में उतारने का फैसला किया गया है। उत्तराखंड की टीम को भी रणजी ट्रॉफी खेलने के लिए सीओए से मंजूरी मिल गई थी, लेकिन आमसभा ने उसे हरी झंडी नहीं दी। भारतीय टीम को आयरलैंड में दो मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी है। इसके बाद टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी-20, वनडे और फिर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।
वहीं इसके अलावा बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने 2021 में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी को विश्व टी-20 में बदले जाने के आईसीसी के फैसले पर आपत्ति व्यक्त नहीं करने के लिए शुक्रवार को सीईओ राहुल जौहरी को दोषी ठहराया है।