नई दिल्ली। हितों के टकराव मामले में साैरव गांगुली(Sourav Ganguly) को बीसीसीआई(BCCI) लोकपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) डी के जैन ने 20 अप्रैल को सुनवाई के लिए बुलाया है। पश्चिम बंगाल के तीन क्रिकेटप्रेमियों रंजीत सील, अभिजीत मुखर्जी और भास्वती शांतुआ ने जस्टिस (सेवानिवृत) डीके जैन)DK Jain) को अलग-अलग पत्र लिखकर गांगुली की दोहरी भूमिका पर सवाल उठाए थे। इसके बाद लोकपाल ने गांगुली को CAB के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए आईपीएल फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स(Delhi Capitals) के सलाहकार के रूप में उनकी भूमिका में हितों के टकराव के आरोपों पर अपना रुख साफ करने के लिए कहा था।
बड़े पद से इस्तीफा दे सकते हैं 'दादा'
हालांकि, गांगुली ने लोकपाल को जवाब भी दिया था कि दिल्ली कैपिटल्स(Delhi Capitals) के साथ मेरी भूमिका के कारण बीसीसीआई के संविधान के दायरे में कोई हितों का टकराव या व्यावसायिक टकराव नहीं है। लेकिन अब फिर यह मामला गांगुली का पीछा नहीं छोड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, ऐसे में गांगुली बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति(CAC) से इस्तीफा देने को भी तैयार हैं। सीएसी में गांगुली के अलावा सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटॉर वीवीएस. लक्ष्मण, और मुंबई इंडियंस के मेंटॉर सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, गांगुली ने सीएसी के साथ आखिरी बार बैठक चैम्पियंस ट्रॉफी-2017 के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री की नियुक्ति के दौरान की थी। हालिया दिनों में समिति ने एक भी बैठक नहीं की है। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह सीएसी से इस्तीफा देने को तैयार हैं ताकि हितों के टकराव का प्रश्न ही न उठे। हालांकि वो बात को लेकर उनका रुख स्पष्ट है कि किसी प्रकार से हितों का कोई टकराव नहीं है, लेकिन फिर भी वह लोकपाल से मुलाकात करेंगे और इस पर चर्चा करेंगे।